दोउ भैया मांगत मैया पें देरी मैया दधि माखन रोटी । सुनरी भामते बोल सुतन के झुठेइ धाम के काम अंगोटी ॥१॥ बलजु गह्यो नासा को मोती कान्ह कुंवर गहि दृढ कर चोटी । मानो हंस मोर मखलीने उपमा कहा बरनु मति छोटी ॥… more →
पुष्टिमार्गpushtimarg wrote 2 years ago: दोउ भैया मांगत मैया पें देरी मैया दधि माखन रोटी । सुनरी भामते बोल सुतन के झुठेइ धाम के काम अंगोटी ॥१ … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: छगन मगन प्यारे लाल कीजिये कलेवा । छींके ते सघरी दधीऊखल चढ काढ धरी, पहरि लेहु झगुलि फेंट बांध लेहु मे … more →
pushtimarg wrote 3 years ago: मैया मोहि माख्नन मिसरी भावे । मीठो दधि मिठाई मधुघृत, अपने कर सों क्यों न खवावे ॥१॥ कनक दोहनी दे कर म … more →