काम कोई बुरा नहीं है, काम कोई बड़ा नहीं है, काम किया है विवेक से, समाज-कल्याण की भावना से, काम किया है लगन से, चमकाया है परिश्रम से, तो फिर संदेह ना कर, बस अपना काम कर। परिणाम बुरा ना होगा, तेरा अपमान … more →
पसंदयोगेन्द्र जोशी wrote 11 months ago: वर्ष २००९ का आगमन हो चुका है । पिछले वर्ष सारा विश्व आर्थिक मंदी से जूझता रहा, तो अपना देश उसके साथ … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: 1.देश, काल, विद्या एवं अन्यास में लिप्त अपराधियों की शक्ति को देखते हुए राज्य को उन्हें उचित दण्ड दे … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: १. जो पुरुष वाणी में कठोरता दिखाता है उससे लोग उतेजित होते हैं यह अनर्थकारी है, इसलिए ऐसी वाणी कभी न … more →
प्रेमलता पांडे wrote 3 years ago: काम कोई बुरा नहीं है, काम कोई बड़ा नहीं है, काम किया है विवेक से, समाज-कल्याण की भावना से, काम किया ह … more →