ज्ञानदत्त जी के आदेश पर कोलकाता के हमारे अत्यंत प्रिय वरिष्ठ कवि-गीतकार दादा छविनाथ मिश्र का एक और ऋचागीत प्रस्तुत है, जल की अभ्यर्थना का गीत : ( शं नो देवीर अभिष्टय आपो भवन्तु पीतये । शं योर अभि… more →
अनहद नादPRIYANKAR wrote 1 week ago: ज्ञानदत्त जी के आदेश पर कोलकाता के हमारे अत्यंत प्रिय वरिष्ठ कवि-गीतकार दादा छविनाथ मिश्र का एक और … more →
PRIYANKAR wrote 3 weeks ago: कन्हैयालाल सेठिया (1919-2008) ( विरल ही किसी कवि के गीत को वह मान्यता मिलती है जिसके … more →
PRIYANKAR wrote 1 month ago: (1861-1941) रवीन्द्रनाथ ठाकुर का एक गीत (बांग्ला से अनुवाद : प्रयाग शुक्ल) मरण आएगा जिस दिन द्वा … more →
PRIYANKAR wrote 1 month ago: प्रार्थना : गुरु कबीरदास के लिए परम गुरु दो तो ऐसी विनम्रता दो कि अंतहीन सहानुभूति की वाणी बोल सकूँ … more →
PRIYANKAR wrote 1 month ago: (1927-1983) सर्वेश्वरदयाल सक्सेना की एक कविता तुम्हारे साथ रहकर तुम्हारे साथ रहकर अक्सर मुझे … more →
PRIYANKAR wrote 1 month ago: अरुण कमल अरुण कमल की एक कविता अपनी पीढी के लिए वे सारे खीरे जिनमें तीतापन है हमारे लिए … more →
PRIYANKAR wrote 1 month ago: ज्ञानेन्द्रपति की एक कविता बीज व्यथा वे बीज जो बखारी में बन्द कुठलों में सहेजे हण्डियों में जुग … more →
PRIYANKAR wrote 2 months ago: राजेन्द्र राजन की एक कविता पश्चाताप महान होने के लिए जितनी ज्यादा सीढ़ियाँ मैंने चढ़ीं उतनी ही … more →
PRIYANKAR wrote 2 months ago: अशोक वाजपेयी की एक कविता विदा तुम चले जाओगे पर थोड़ा-सा यहाँ भी रह जाओगे जैसे रह जाती है पहली ब … more →
PRIYANKAR wrote 2 months ago: मुहम्मद अल्वी की एक और गज़ल भाई मिरे घर साथ न ले जंगल में डर साथ न ले भीगी आंखें छोड़ यहीं ! देख … more →
PRIYANKAR wrote 3 months ago: राजेन्द्र राजन की एक कविता बस यही एक अच्छी बात है मेरे मन में नफरत और गुस्से की आग कुंठाओं क … more →
PRIYANKAR wrote 10 months ago: केदारनाथ सिंह की एक कविता मातृभाषा जैसे चींटियां लौटती हैं बिलों में कठफोड़वा लौटता है काठ के … more →
PRIYANKAR wrote 10 months ago: ( युवा कवि नरेश अग्रवाल के अब तक चार काव्य-संकलन प्रकाशित हो चुके हैं . इन काव्य संकलनों को विजेन्द … more →
PRIYANKAR wrote 10 months ago: स्थायी और मौसमी(जनवरी और अगस्त माह वाले) दोनों तरह के देशभक्तों के हितार्थ दिनकर जी की एक कविता … more →
PRIYANKAR wrote 10 months ago: ट्राम में एक याद चेतना पारीक कैसी हो ? पहले जैसी हो ? कुछ-कुछ खुश कुछ-कुछ उदास कभी देखती तारे कभी … more →
PRIYANKAR wrote 10 months ago: एकांत श्रीवास्तव की एक कविता यात्रा नदियां थीं हमारे रास्ते में जिन्हें बार-बार पार क … more →
PRIYANKAR wrote 10 months ago: रमेशचंद्र शाह की एक कविता प्रवास छूट गया पीछे वह सब कुछ बांधे था जो अभी-अभी तक टूट रही हर क्ष … more →
PRIYANKAR wrote 11 months ago: ( 1911-1987 ) अज्ञेय की एक कविता हंसती रहने देना जब आवे दिन तब देह बुझे या टूटे इन आँखों को ह … more →
PRIYANKAR wrote 11 months ago: अनामिका की एक और कविता एक औरत का पहला राजकीय प्रवास वह होटल के कमरे में दाख़िल हुई अपने अकेले … more →