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Blogs about: कविताएंpoems

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विचार आते हैं !9 comments

PRIYANKAR wrote 3 days ago: मुक्तिबोध की एक छोटी कविता विचार आते हैं विचार आते हैं – लिखते समय नहीं लिखते समय नहीं बोझा ढो … more →

Tags: मुक्तिबोध

दूर तारा / गजानन माधव मुक्तिबोध 2 comments

PRIYANKAR wrote 1 week ago: दूर तारा तीव्र – गति अति दूर तारा वह हमारा शून्य के विस्तार नीले में चला है ! और नीचे लोग उस को देखत … more →

Tags: मुक्तिबोध

दिमाग़ी गुहान्धकार का ओरांगउटांग / गजानन माधव मुक्तिबोध1 comment

PRIYANKAR wrote 1 week ago: दिमाग़ी गुहान्धकार का ओरांगउटांग स्वप्न के भीतर स्वप्न, विचारधारा के भीतर और एक अन्य सघन विचारधारा प … more →

Tags: मुक्तिबोध

अंधेरे में / गजानन माधव मुक्तिबोध3 comments

PRIYANKAR wrote 1 week ago: ’ब्रह्मराक्षस’ और ’अंधेरे में’ वे प्रतिनिधि कविताएं हैं जिनसे मुक्तिबोध की कविता और उनकी रचना प्रक्र … more →

Tags: मुक्तिबोध

ब्रह्मराक्षस / गजानन माधव मुक्तिबोध2 comments

PRIYANKAR wrote 2 weeks ago: ’ब्रह्मराक्षस’ और ’अंधेरे में’ वे प्रतिनिधि कविताएं हैं जिनसे मुक्तिबोध की कविता और उनकी रचना प्रक्र … more →

Tags: मुक्तिबोध

जाना ..... अपना आकाश खुद बुनने वाले कवि का 8 comments

PRIYANKAR wrote 1 month ago:  हरीश भादाणी   (1933-2009)   हरीश भादाणी गीत के बुनकर थे और कलम के हलवाहे . वे हरफ़ों के फूल खिलाने व … more →

Tags: हरीश भादाणी

किसको नमन करूं मैं8 comments

PRIYANKAR wrote 3 months ago: रामधारी सिंह ‘दिनकर’  की एक कविता    किसको नमन करूं मैं   तुझको या तेरे नदीश, गिरि, वन क … more →

Tags: दिनकर

उम्मीद6 comments

PRIYANKAR wrote 4 months ago: अरुण कमल की एक कविता    उम्मीद   आज तक मैं यह समझ नहीं पाया कि हर साल बाढ़ में पड़ने के बाद भी लोग द … more →

Tags: अरुण कमल

पहली पेंशन3 comments

PRIYANKAR wrote 4 months ago: अनामिका की एक कविता     पहली पेंशन   श्रीमती कार्लेकर अपनी पहली पेंशन लेकर जब घर लौटीं– सारी निलम्बि … more →

Tags: अनामिका

मैंने आहुति बन कर देखा7 comments

PRIYANKAR wrote 4 months ago: अज्ञेय की एक कविता    मैंने आहुति बन कर देखा   मैं कब कहता हूं जग मेरी दुर्धर गति के अनुकूल बने, मैं … more →

Tags: अज्ञेय

हिंदी का लेखक5 comments

PRIYANKAR wrote 4 months ago: आलोक श्रीवास्तव की  कविता-3   हिंदी का लेखक   कहां है मुर्शिदाबाद ? कौन आज भी पराजित होता है प्लासी … more →

Tags: आलोक श्रीवास्तव

एक भाषा का विषाद काल3 comments

PRIYANKAR wrote 4 months ago: आलोक श्रीवास्तव की एक कविता-2   एक भाषा का विषाद काल   मैंने नाविक से कहा ’ले चल मुझे भुलावा देकर’   … more →

Tags: आलोक श्रीवास्तव

आलोक श्रीवास्तव की कविता-15 comments

PRIYANKAR wrote 4 months ago:    मूल्यांकन    कविगण अमर होना चाहते हैं समकालीन यथार्थ से टकराते-टूटते कविगण कर रहे हैं समय का अनुव … more →

Tags: आलोक श्रीवास्तव

देवितमे मा जलधाराओ, गगन गुहा से रस बरसाओ ......3 comments

PRIYANKAR wrote 5 months ago: ज्ञानदत्त  जी के आदेश पर कोलकाता के हमारे अत्यंत प्रिय वरिष्ठ कवि-गीतकार दादा छविनाथ मिश्र  का एक और … more →

Tags: छविनाथ मिश्र

धरती धोरां री/राजस्थानी उप-राष्ट्रीयता का राष्ट्रगीत13 comments

PRIYANKAR wrote 5 months ago:               कन्हैयालाल सेठिया (1919-2008) ( विरल ही किसी कवि के गीत को वह मान्यता मिलती है जिसके त … more →

Tags: कन्हैयालाल सेठिया

मरण आएगा जिस दिन द्वार .....6 comments

PRIYANKAR wrote 5 months ago: (1861-1941) रवीन्द्रनाथ ठाकुर का एक गीत (बांग्ला से अनुवाद : प्रयाग शुक्ल)   मरण आएगा जिस दिन द्वार … more →

Tags: रवीन्द्रनाथ ठाकुर

विजयदेवनारायण साही की एक कविता5 comments

PRIYANKAR wrote 5 months ago: प्रार्थना : गुरु कबीरदास के लिए परम गुरु दो तो ऐसी विनम्रता दो कि अंतहीन सहानुभूति की वाणी बोल सकूँ … more →

तुम्हारे साथ रहकर/सर्वेश्वर7 comments

PRIYANKAR wrote 6 months ago:   (1927-1983) सर्वेश्वरदयाल सक्सेना की एक कविता    तुम्हारे साथ रहकर   तुम्हारे साथ रहकर अक्सर मुझे … more →

Tags: सर्वेश्वर

अपनी पीढी़ के लिए4 comments

PRIYANKAR wrote 6 months ago:   अरुण कमल     अरुण कमल की एक कविता    अपनी पीढी के लिए   वे सारे खीरे जिनमें तीतापन है हमारे लिए वे … more →

Tags: अरुण कमल


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