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Blogs about: कवितायें

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वक्त की आवाज़

रविकुल wrote 4 months ago: शहीदों के जिस्म पर लगेंगे कब तलक जख्म गहरे, कब तक बैठे रहेंगे निर्वाक लगाए सोच पर पेहरे, निर्दोश लहू … more →

Tags: अतंकवाद, अधिकार, चरित्र, जख्म, तिरंगा, निर्दोश, पर्चम, प्रहरी, रिशवत

कवि रो रहा है10 comments

रविकुल wrote 5 months ago:  कविता हंस रही है और कवि रो रहा है! क्या होगा ऐसे देश की आवाम का, जिसकी सरहद का सिपाही सो रहा है !!  … more →

॑सृजन

रविकुल wrote 5 months ago: भ्रष्ट समाज का उत्कर्ष करो ! जीवन है संघर्ष संघर्ष करो !! मिटा डालो उग्रता के निशां, बदल डालो भ्रमित … more →

Tags: अर्जुन, इन्सां, उग्रवाद, उत्कर्ष, नींव, सृजन

कुछ खोई हुई

mequitnever wrote 5 months ago: आज मैं अपने डेस्क को ठीक कर रहा था और कहीं कोने से मेरे हाथ एक फोल्डर लगा | उस फोल्डर में रंगीन कगाज … more →

Tags: ज़िन्दगी life, Life, Friendship, Awareness, Love, disgust, Kavita, कविता, hindi

थप्पड़ मारकर सलाम तो किया-तीन क्षणिकायें

दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: कुत्ता कहा तो क्या इनाम तो दिया आखिर गोरों ने दिया गुलाम की तरह व्यवहार किया तो क्या थप्पड़ मारकर सल … more →

Tags: hasya -vyangya, Kavita, hasya kavita, Shayri, hasya vyang, vyangya, writer, hindi article, Hindi writing

करियर4 comments

mequitnever wrote 8 months ago: सफ़र की क्या मंजिल हो लहरों का क्या साहिल हो माझी का क्या नाव हो सपनो की क्या उड़ान हो देखते थे यह सब … more →

Tags: Life, Career, Kavita, कविता, hindi, Poem, hondi poem, Self, hardship

"बोझ की गठरी"

mahamiaswati wrote 12 months ago:   दिल के बोझ की गठरी संभल के उतारना जीत को दूर जाते देख कर ही हारना हारना मत इन आंसुओ से आसानी से हो … more →

कौन कहता है ज़माना बदल रहा है?

mahamiaswati wrote 12 months ago:   कौन कहता है ज़माना बदल रहा है? आज भी पीड़ा अग्नि में मनु-मन जल रहा है. आज भी हम वक्त से मजबूर हैं खु … more →

नवरात्री का विरोधाभास

विकास परिहार wrote 1 year ago: होटल के प्रांगण में चल रहा था जश्न झूम रहे थे लोग लिये डांडिया की स्टिक हांथों में, गहरी लिपस्टिक लग … more →

Tags: नया प्रयोग

जीवन सौंदर्य

24july2008 wrote 1 year ago: आँखों की यह निर्झर धारा थमने  दो दर्द अगर यह जमता है तो जमने दो क्यो रोती हो जब जन्मदाता ही मौन है स … more →


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