दील खाली है, आशीयाँ भी खाली सा लगे, तुम बिन मुजे ये जहाँ भी खाली सा लगे, तडप रहा हु तेरी यादो मे ओ मेरे सनम, अब ये घटा और ये समा भी खाली सा लगे, तुमको देखा तो मोहब्बत क्या है, ये जाना, तेरी ही आखो स… more →
Manish Pansiniya's PoemsManish wrote 1 year ago: दील खाली है, आशीयाँ भी खाली सा लगे, तुम बिन मुजे ये जहाँ भी खाली सा लगे, तडप रहा हु तेरी यादो मे ओ म … more →
Manish wrote 1 year ago: चाहा था तुमको दिल से, समजा ना तुमने दिल को, ठुकराके यु चल दिये.. अरमा थे लाखो दिल मे, सपने देखे … more →
Manish wrote 1 year ago: कस्मकस है साँसो की, लम्हो की बरसाते है, कुछ खट्टे है, कुछ मीठे है, और कुछ पुरानि यादे है, वो बचपन … more →
Manish wrote 1 year ago: दिल के आशियाने मे तेरी तसवीर लागाइ है, जिदंगी मैने तेरे हि ख्वाबो से सजाइ है, हर ददँ का अहेसास है त … more →
Manish wrote 1 year ago: गम ही गम है, ददँ ही ददँ है, दील के हर कोने मे, जिदंगी बहे गइ यारो, सिफँ और सिफँ रोने मे, क्या क्या … more →