हम कवि हैं या मसखरे सब को हँसाते जनता का दिल लुभाते कविता याने कि कैसी हो बहती नदी जैसी हो पहले कविता लिखी छन्द में बोले संपादक जी – अमां यार कुछ नया लिखो कि कविता संवरे क्या ये कलि और भंवरे! गय… more →
हरिहर झाShaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 week ago: Audio Files VBR MP3 Ogg Vorbis Paash Bare Rahi de Interview te : Kashmir 2.52 MB 4.57 MB … more →
K M Mishra wrote 3 months ago: => मित्रों, मैं हूं दुनिया का सबसे पुराना ब्लागर । मेरा नाम कपालभंजक है । मैं पाषाण काल का जीव हू … more →
Ami Jha wrote 1 year ago: आ बचवा , चल चीलम लगा दे ! रात भई, जी अकुलाता है कैसा तो होता जाता है उ ससुरा रामदस्वा सरवा अब तक राम … more →
Harihar Jha हरिहर झा wrote 2 years ago: हम कवि हैं या मसखरे सब को हँसाते जनता का दिल लुभाते कविता याने कि कैसी हो बहती नदी जैसी हो पहले कवित … more →