Blogs about: कहकशां
Featured Blog
तस्कीन-ए-दिल-ए-महज़ू न हुई
तस्कीन-ए-दिल-ए-महज़ू न हुई वो सई-ए-क़रम फ़रमा भी गए इस सई-ए-क़रम का क्या कहिये बहला भ… more »
कुछ पल जगजीत सिंह के नाम
तस्कीन-ए-दिल-ए-महज़ू न हुई
Amarjeet Singh wrote 6 months ago: तस्कीन-ए-दिल-ए-महज़ू न हुई वो सई-ए-क़रम फ़र … more »
किसी का यूं तो हुआ कौन
Amarjeet Singh wrote 6 months ago: किसी का यूं तो हुआ कौन उम्रभर फिर भी ये … more »
इश्क़ के शोले को भड़काओ
Amarjeet Singh wrote 6 months ago: इश्क़ के शोले को भड़काओ कि कुछ रात कटे … more »
ग़ज़ल का साज़ उठाओ बड़ी उदास है रात
— 5 comments
Amarjeet Singh wrote 6 months ago: ग़ज़ल का साज़ उठाओ बड़ी उदास है रात नवा-ए-मी … more »
देखना जज़्बे मोहब्बत का असर आज की रात
— 1 comment
Amarjeet Singh wrote 6 months ago: देखना जज़्बे मोहब्बत का असर आज की रात म … more »
ऐ ग़म-ए-दिल क्या करूं
Amarjeet Singh wrote 6 months ago: शहर की रात और मै नाशाद-ओ-नाकारा फिरूं ज … more »
ऐ मलिहाबाद के रंगीं गुलिस्तां अलविदा
— 1 comment
Amarjeet Singh wrote 6 months ago: ऐ मलिहाबाद के रंगीं गुलिस्तां अलविदा … more »
अब मेरे पास तुम आई हो तो क्या आई हो?
— 2 comments
Amarjeet Singh wrote 6 months ago: अब मेरे पास तुम आई हो तो क्या आई हो? मैन … more »
अब अक्सर चुप-चुप से रहे हैं
Amarjeet Singh wrote 6 months ago: अब अक्सर चुप-चुप से रहे हैं यूं ही कभू ल … more »
हिज़ाब-ए-फ़ितना परवर अब उठा लेती तो अच्छा था
— 1 comment
Amarjeet Singh wrote 6 months ago: हिज़ाब-ए-फ़ितना परवर अब उठा लेती तो अच्छ … more »
चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है
— 2 comments
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है … more »
चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है
— 3 comments
Amarjeet Singh wrote 7 months ago: चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है, … more »
तुझ से रुख़सत की वो
— 1 comment
Amarjeet Singh wrote 7 months ago: तुझ से रुख़सत की वो शाम-ए-अश्क़-अफ़्शां हा … more »
रोशन जमाल-ए-यार से है
Amarjeet Singh wrote 7 months ago: रोशन जमाल-ए-यार से है अन्जुमन तमाम, दहक … more »
नज़र वो है के
— 1 comment
Amarjeet Singh wrote 7 months ago: नज़र वो है के जो कौन-ओ-मकां के पार हो जाय … more »
मुद्दत में वो फिर
Amarjeet Singh wrote 7 months ago: मुद्दत में वो फिर ताज़ा मुलाक़ात का आलम, … more »
किस को आती है मसीहाई
Amarjeet Singh wrote 7 months ago: किस को आती है मसीहाई किसे आवाज़ दूं, बोल … more »
बोल इकतारे झन झन
Amarjeet Singh wrote 7 months ago: बोल इकतारे झन झन झन झन, काहकशां है मेरी … more »
ऐ वतन मेरे वतन
Amarjeet Singh wrote 7 months ago: ऐ वतन मेरे वतन रूह-ए-रवानी-ए-एहराब, ऐ के … more »
