लिखा जो कुछ भी मैने कभी बस यूँ ही लिख दिया विचारों को अपने किसी तरह् कागज़ पर बिखेर दिया । लेखनी ने नहीं दिया साथ कभी रफ्तार को मन की ना पकड़ पायी वो बह् निकले गुबार यूँ ही कहीं ना पा सके आकार वो शब्दों… more →
Vyapoo, the Feelings EverywhereAmarjeet Singh wrote 1 year ago: दिल के उजले कागज़ पर हम कैसा गीत लिखें, बोलो तुमको गैर लिखें या अपना मीत लिखें, नीले अम्बर की अंगनाई … more →
vyapoo wrote 1 year ago: लिखा जो कुछ भी मैने कभी बस यूँ ही लिख दिया विचारों को अपने किसी तरह् कागज़ पर बिखेर दिया । लेखनी ने न … more →