Amarjeet Singh wrote 1 year ago: ऐसी आंखें नही देखी, ऐसा काजल नही देखा, ऐसा जलवा नही देखा, ऐसा चेहरा नही देखा, जब ये दामन की हवा ने, … more →
mehhekk wrote 1 year ago: काजल दीपक की बाती पर जल कर आग की तपिश में पीघल कर खुदको बनाया और सवारा हमने काला रंग है कह कह कर हमे … more →