पिछ्ली पोस्ट में आपको समकाल में छपे लेख के बारे में बताया था. बहुत से लोगों ने उसे पढ़ा या पढ़ने की कोशिश की. लेकिन शिकायत यह रही कि रिजोल्यूशन ठीक ना होने के कारण बहुत से लोग पढ़ नहीं पाये. इधर इस लेख क… more →
हम भी हैं लाइन मेंkakesh wrote 2 years ago: पिछ्ली पोस्ट में आपको समकाल में छपे लेख के बारे में बताया था. बहुत से लोगों ने उसे पढ़ा या पढ़ने की को … more →
kakesh wrote 2 years ago: आजकल चिट्टाकारी की चर्चा प्रिंट मीडिया में जोरों पर है. कुछ दिनों पहले हिन्दी की प्रतिष्ठित पत्रिका … more →
kakesh wrote 2 years ago: एक मिठाई खाने वाली खबर ये है कि हिन्दी चिट्ठाजगत में व्यंग्य के सुपरस्टार और हमारे सह ब्लॉगर आलोक पु … more →
kakesh wrote 2 years ago: कल प्रियंकर जी के चिट्ठे पर एक मासूम सा सवाल उठा “ये त्रिलोचन कौन है?” जिसका उत्तर अपने … more →
kakesh wrote 2 years ago: रविवार 8 जुलाई को अंग्रेजी के प्रमुख समाचार पत्र टाइम्स ऑफ इंडिया में एक लेख छ्पा था ” B … more →
kakesh wrote 2 years ago: जब रवि जी ने बताया कि भोमियो में अब प्रोक्सी सर्वर के द्वारा बहुत सी भाषाओं मे लिप्यांतर की सुविधा … more →