कई दिनों से इसके बारे में लिखने की सोच रहा था मगर आज जब मनीष भाई ने लिखा कि “ क्यूँ हमारी संगीत प्रेमी जनता महरूम है एक उत्कृष्ट संगीत चैनल से ?” तो अपने आप को इस उत्कृष्ट चैनल ‘रेडियो फलक… more →
आईनाजगदीश भाटिया wrote 1 week ago: कई दिनों से इसके बारे में लिखने की सोच रहा था मगर आज जब मनीष भाई ने लिखा कि “ क्यूँ हमार … more →
जगदीश भाटिया wrote 9 months ago: हिंदी में टाईप करने के लिये अब पिटारा पर हम लाये हैं बहुत ही आसान एक तरीका। बस एक क्लिक करें और हिं … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: आपको लग रहा होगा कि ऐसा अजीब सवाल मैं क्यों पूछ रहा हूं। मगर इसका कारण है। क्या आपने कभी जांचा है कि … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: (यह पोस्ट कल हिंदी टूलबार पिटारा के चिट्ठे पर की गयी थी मगर बार बार के अनुरोध के बाद भी पिटारा का चि … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: आज आईना पर सर्च करते हुए आने वालों की संख्या 200 को पार कर गयी तो यह पोस्ट लिख रहा हूं। अभी भी दिन … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: आज सुबह उठ जब बाहर से अखबार उठाये तो एक सुखद एहसास मेरा इंतजार कर रहा था। रोज के अखबारों के साथ एक अ … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: हिंदी टूलबार पिटारा के प्रयोगकर्ता दुनिया भर में फैले हैं। इसके बारे में जानने के लिये देखिये नीचे क … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: बात उन दिनों की है जब मैं एक युरोपियन एयरलाइंस के लिये काम करता था। ऑफिस में बहुत सारे नये कंप्यूटर … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: आलोक जी की इस पोस्ट को देखा तो छः साल पहले दुबले होने के लिये किये गये कुछ कारगर नुस्खे अपन को भी या … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: हमारे देश में कोई चार करोड़ इंटरनेट कनेक्शन हैं और पच्चीस करोड़ मोबाइल हैं। अधिकतर मोबाइल GPRS युक्त ह … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: बदलाव की हवायें किस तरह इंडिया और भारत को एक दूसरे के करीब ला रही हैं इसका एक उदाहरण देखने को मिला ह … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: मेरे बहुत से साथियों को मेरे इस प्रश्न से हैरानी हो सकती है। कौन चिट्ठाकार होगा जो इस समूह का सदस्य … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: भोमियो ने जब उर्दू से देवनागरी में लिप्यांतर की सुविधा शुरू की तो उन दिनों मैंने ढेरों उर्दू के पाकि … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: एक बार शायद श्रीश शर्मा ने कहा था कि चिट्ठाजगत की टीम का दिमाग बहुत ही उर्वर है और ये लोग ऐसे ऐसे आइ … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: क्या जमाना आ गया है। डॉलर का मुकाबला प्याज से होने लगा है। वैसे भी अब एक किलो प्याज की कीमत एक डॉलर … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: आपको याद होगा कि एक बार जब मैंने हिंदी के कुछ चिट्ठाकारों के नाम गूगल पर हिंदी में सर्च किये तो ये … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: हिंदी चिट्ठाकारी में दो माह का समय बहुत ज्यादा है। पिछले दो माह में मैंने यहां बहुत कुछ नया जाना, न … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: (बड़ी इमेज देखने के लिये इमेज पर क्लिक करें) हिंदी टूलबार के बारे में हमने जब भी चर्चा की है, इस टू … more →
kakesh wrote 1 year ago: पिछ्ली पोस्ट में आपको समकाल में छपे लेख के बारे में बताया था. बहुत से लोगों ने उसे पढ़ा या पढ़ने की क … more →