नही खुशियों की कतार मंजूर ,नही रौशनी की सोगात मंजूर क्योंकि आज मेरा चाँद बादलो में छिपा है नही गमो की बात मंजूर ,नही तारो भरी रात मंजूर क्योंकि आज मेरा चाँद बादलो में छिपा है नही उमीदो का आसमान मंजूर … more →
कुछ िदल सेkmuskan wrote 1 year ago: नही खुशियों की कतार मंजूर ,नही रौशनी की सोगात मंजूर क्योंकि आज मेरा चाँद बादलो में छिपा है नही गमो क … more →