पिछली शताब्दि के अंतिम दशक के आरंभ के आसपास अपने यूरोपीय अनुभव से प्रेरित होकर मैंने निर्णय लिया कि मैं जहां-जहां संभव हो सके वहां-वहां हिन्दी का प्रयोग करूं । किसी परिचित, मित्र, सहकर्मी अथवा अधिकारी… more →
हिन्दी तथा कुछ और भीयोगेन्द्र जोशी wrote 1 year ago: पिछली शताब्दि के अंतिम दशक के आरंभ के आसपास अपने यूरोपीय अनुभव से प्रेरित होकर मैंने निर्णय लिया कि … more →