हमने लिखा था कि वर्तमान संसदीय प्रणाली द्वारा मजदूर वर्ग कभी सत्ता प्राप्त नहीं कर सकता. लेकिन इसका मतलब यह कदापि नहीं है कि मजदूर वर्ग चुनाव प्रक्रिया में बिलकुल भाग नहीं लेता. एक वोटर के रूप में वह … more →
नया सर्वहारा पुनर्जागरण नया सर्वहारा प्रबोधनShaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 weeks ago: हमने लिखा था कि वर्तमान संसदीय प्रणाली द्वारा मजदूर वर्ग कभी सत्ता प्राप्त नहीं कर सकता. लेकिन इसका … more →
रवि कुमार, रावतभाटा wrote 3 weeks ago: असली इंसान की तरह जिएंगे – मार्क्स ( a kavita poster by ravi kumar, rawatbhata) शब्दों के कुछ … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 4 months ago: घोषणापत्र का यह वाक्य कि “कम्युनिस्ट मजदूर वर्ग की पार्टियों के बदले में अपनी कोई अलग पार्टी न … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: 31. ‘कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो’ पर डेविड रियाजानोव की व्याख्यात्मक टिप्पणियां उस स्थिति में भी जब मजदूर … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: 30. ‘कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो’ पर डेविड रियाजानोव की व्याख्यात्मक टिप्पणियां “वर्ग विरोध पर आधार … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: 29. ‘कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो’ पर डेविड रियाजानोव की व्याख्यात्मक टिप्पणियां निजी संपत्ति समस्त पूंजीव … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: 27. ‘कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो’ पर डेविड रियाजानोव की व्याख्यात्मक टिप्पणियां बुर्जुआ वर्ग की कतारों के … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: जैक लंडन का उपन्यास - देखें : \’आयरन हील\’ और अतिरिक्त मूल्य का नियम सपने का गणित अर्नेस … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: श्री दिनेशराय द्विवेदी जी द्वारा लिखित आलेख ‘उद्यम भी श्रम ही है‘ और श्री ज्ञानदत्त जी प … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: मार्क्सवाद के विकास के लिए ज़रूरी है कि मार्क्सवाद को विकसित करने में मार्क्सवादियों के अब तक के अवद … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: “कोट, कपड़ा, आदि उपयोग-मूल्य, अर्थात पण्यों के ढांचे, दो तत्त्वों के योग होते हैं – पदार् … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: मज़दूर वर्ग के लिए सबसे बुरी बातों में से एक शायद यह है कि मई दिवस को आज एक अनुष्ठान बना दिया गया है … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: जिस देश का प्रधानमंत्री स्वयं स्वीकार करे की देश की 7० प्रतिशत जनता 20 या 20 रूपए से कम पर गुज़ारा कर … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: इस पोस्ट का पहला भाग ….यहाँ देखें शिकागो की हड़ताल और हे मार्केट की घटना पहली मई को शिकागो में … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: अलेक्जेण्डर ट्रैक्टनबर्ग अनुवाद : अभिनव सिन्हा मई दिवस का जन्म काम के घण्टे कम करने के आन्दोलन से अट … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: कार्ल मार्क्स फ्रेडरिक एंगेल्स विज्ञान के इतिहास में मार्क्स ने जिन महत्त्वपूर्ण बातों का पता लगाक … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: 23. ‘कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो’ पर डेविड रियाजानोव की व्याख्यात्मक टिप्पणियां पूंजीवादी समाज मेहनतकशों … more →