दिल ये सोचता है किसी पल होगा वो बेवफ़ा भी मेरे लिये बेकल होगा ग़र मेरी आँखों में बरसातें हैं उसके दिल में भी कोई बादल होगा हमने सोचा था इश्क़ एक बार है किसे खबर थी ये ग़म मुसलसल होगा आज तो हमने रोक ली है … more →
इक शायर अंजाना सा...Rohit Jain wrote 1 year ago: दिल ये सोचता है किसी पल होगा वो बेवफ़ा भी मेरे लिये बेकल होगा ग़र मेरी आँखों में बरसातें हैं उसके दिल … more →