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Blogs about: किस्सा

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एक लघु कहानी / अफ़लातून9 comments

अफ़लातून wrote 1 week ago: हालात ने उसे पेशेवर भिखारी बना दिया होगा । उमर करीब पाँच- छ: साल। पेशे को अपनाने में दु:ख या संकोच ह … more →

Tags: banaras, laghu katha लघु कथा, Mémoires, shaishav, कथा, लघु

आरक्षित रात्रिकालीन रेलयात्रा और तिथि-वार का भ्रम 3 comments

योगेन्द्र जोशी wrote 1 month ago: रेलगाड़ी से यात्रा करना कभी-कभी असामान्य अनुभव दे जाता है, ऐसे अनुभव जो कभी आनंदित कर जाता है तो कभी … more →

Tags: अनुभव, आपबीती, कहानी, हिंदी साहित्य, Short Stories, रेल यात्रा, लघुकथा, Hindi Literature, railway journey

टेलीफोन नंबर 911 और पुलिस4 comments

योगेन्द्र जोशी wrote 1 month ago: इस समय मैं अमेरिका की ‘सांता क्लारा’ नगरी में हूं, करीब एक माह के प्रवास पर । यह स्थान कैलिफोर्निया … more →

Tags: अनुभव, आपबीती, लघुकथा, हिंदी साहित्य, Short Stories, आपात्कालीन सेवा, कार्यसंस्कृति, पुलिस, लघु कथा

झूठ का सच2 comments

kashyap omprakash wrote 3 months ago: बाजार से गुजरते हुए कुत्ते की नजर दुकान में टंगे एक चित्र पर पड़ी तो गढ़ी की गढ़ी रह गई. उसके लिए उस … more →

Tags: स्याह हाशिये, ओमप्रकाश कश्यप, कहानी, श्वान कथा : झूठ का सच, omprakash kashyap

एक अनुभव यह भी, सब्जीसट्टी में

योगेन्द्र जोशी wrote 3 months ago: पूर्वाह्न का समय है । मैं सागभाजी खरीदने निकल पड़ता हूं घर से । मेरे घर से कोई तीनएक सौ मीटर की दूरी … more →

Tags: अनुभव, आपबीती, लघुकथा, हिंदी साहित्य, Short Stories, भुट्टा, सब्जीसट्टी, सागसब्जी, Corn

दूरदृष्टि

kashyap omprakash wrote 3 months ago: महाभारत-कथा के अंतिम सर्ग तक सुनते-सुनते कुत्ता अचानक चौंक पड़ा, सोचने लगा—आखिर कोई तो बात होगी जो ध … more →

Tags: स्याह हाशिये, ओमप्रकाश कश्यप, श्वान दथा : दूरदृष्टि, omprakash kashyap

कितना अंतर है उनमें और हममें ! - किस्सा ड्राइविंग लाइसेंस का1 comment

योगेन्द्र जोशी wrote 3 months ago: यह वाकया करीब पच्चीस वर्ष पुराना है । तब मैं सपरिवार द्विवर्षीय उच्चानुशीलन (हायर स्टडीज) हेतु इंग्ल … more →

Tags: अनुभव, आपबीती, लघुकथा, हिंदी साहित्य, Short Stories, इंग्लैंड, ड्राइविंग लाइसेंस, परिवहन कार्यालय, परीक्षण

मेरे घर के सामने रहते हैं जो

योगेन्द्र जोशी wrote 4 months ago: मेरे घर के सामने सड़क के उस पार पांच सगे भाइयों के अपने-अपने परिवार रहते हैं । सुनने में आता है कि पै … more →

Tags: आपबीती, जनसंख्या, लघुकथा, हिंदी साहित्य, Population, Short Stories, आबादी, रूढ़िवादि, Traditional

कवियित्री1 comment

kashyap omprakash wrote 4 months ago: कुत्ता कवियों और साहित्यकारों से बहुत प्रभावित था. हालांकि कविता उसके लिए दूर की कौड़ी थी. किंतु कवि … more →

Tags: किस्सा-कहानी, स्याह हाशिये, kissa-kahani, कहानी, ओमप्रकाश कश्यप

नस्ली भेदभाव का एक छोटा-सा अनुभव1 comment

योगेन्द्र जोशी wrote 5 months ago: मानव समाज में भेदभाव की भावना सर्वव्यापी है । भेदभाव का आधार सभी समाजों में एक ही हो ऐसा नहीं है । अ … more →

Tags: अनुभव, आपबीती, मानव व्यवहार, लघुकथा, हिंदी साहित्य, Short Stories, जातिवाद, नस्लवाद, नस्ली भेदभाव

परेशानी का सबब ‘टाइट जींस-टीशर्ट’ पहनना1 comment

योगेन्द्र जोशी wrote 5 months ago: दो रोज पहले किसी टीवी चैनल पर खबर सुनने को मिली कि कानपुर शहर के एक महिला डिग्री कालेज में प्राचार्य … more →

Tags: अनुभव, कहानी, लघुकथा, हिंदी साहित्य, Short Stories, उदगमंडलम, ड्रेस कोड, तालीबानी फरमान, दंपती

किस्सा मृत्यु की विफल भविष्यवाणी का

योगेन्द्र जोशी wrote 7 months ago: मैं भविष्यवाणी करने की किसी भी विधा को स्वीकार नहीं कर पाता । इसके कारण हैं । भौतिकीविद् की हैसियत स … more →

Tags: अनुभव, कहानी, लघुकथा, हिंदी साहित्य, ज्योतिषी, क्वांटम भौतिकी, Astrologer, भविष्यवाणी, prediction

सिगरेट पीने की आदत छुड़ा दी एक सपने ने 2 comments

योगेन्द्र जोशी wrote 7 months ago: मनुष्य अपने स्वभाव की कमजोरी के कारण कभी-कभी नशे का शिकार हो जाता है । नशे के लत के पीछे कई कारण हो … more →

Tags: अनुभव, आपबीती, कहानी, लघुकथा, धूम्रपान, नशा, बेंगलुरु, सपना, सिगरेट

किसी को धूर्त कह देना उचित नहीं1 comment

योगेन्द्र जोशी wrote 8 months ago: आम तौर पर लोग किसी व्यक्ति के बारे में बहुत सोच-विचार कर अपनी धारणा नहीं बनाते हैं । बहुधा वे अपरिपक … more →

Tags: अनुभव, आपबीती, कहानी, लघुकथा, ज्योतिषी, धूर्त, मकान मालिक

जातिबोध: समाज का एक सच यह भी

योगेन्द्र जोशी wrote 8 months ago: एक बार अपने प्रातःकालीन वार्तापत्र में मुझे बुद्धिजीवियों की किसी गोष्ठी के बारे में समाचार पढ़ने को … more →

Tags: अनुभव, आपबीती, कहानी, मानव व्यवहार, लघुकथा, मानसिकता, जाति, जातिनाम, शिक्षण संस्था

होली का मर्म8 comments

अफ़लातून wrote 9 months ago: अपने आप को धर्म और भगवान से ऊँचा मानने वाला हिरण्यकश्यप नाम का एक राजा था। वह चाहता था कि सब लोग उसे … more →

Tags: communalism, shaishav, प्रह्लाद, हिरण्यकश्यप, होलिका, Hiranyakashyap, holi, prahlad, sangh

अपराधी कौन? - किस्सा जुड़वां भाइयों का

योगेन्द्र जोशी wrote 9 months ago: कभी-कभी दिलचस्प किस्से-कहानियां अखबारों के माध्यम से पढ़ने-सुनने को मिल जाती हैं । ऐसा ही एक वाकये के … more →

Tags: अनुभव, कहानी, लघुकथा, गर्भ, जुड़वां, डिंब, न्याय, भ्रूण, संदेह का लाभ

बैंक अधिकारी का कुतर्क: विलंब का औचित्य

योगेन्द्र जोशी wrote 10 months ago: अपने देशवासियों की एक विचित्र आदत मुझे सदैव से ही विचलित करती रही है । यह आदत है अपने अनुचित कार्यों … more →

Tags: अनुभव, आपबीती, कहानी, मानव व्यवहार, लघुकथा, प्रशासन, कार्यसंस्कृति, बैंक, विश्वविद्यालय

पालनकर्त्री मां का स्थान जन्मदात्री के ऊपर होता है 1 comment

योगेन्द्र जोशी wrote 11 months ago: मेरे शहर वाराणसी से दस-बारह किलोमीटर दूर एक गैरसरकारी संगठन द्वारा संचालित संस्था है, जिसमें उन बच्च … more →

Tags: अनुभव, आपबीती, कहानी, लघुकथा, गैरसरकारी संगठन, भावना, मदर, मां, लालन-पालन


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