bhaskar wrote 1 year ago: भाषा का इस्तेमाल किस तरह से अपने निजी और राजनैतिक उद्देस्यों की पूर्ति के लिये होता है यह कोई नयी या … more →
bhaskar wrote 1 year ago: अध्यक्ष जी का देहावसान हिन्दुस्तान की राजनीति के छायादार बरगद के पेड़ का गिरना है/ एक ऐसा पेड़ जिस पर … more →
bhaskar wrote 2 years ago: मौत दबे पाँव नहीं आती आजकल…गोलियाँ दाग़ते हुए आती है लोग मर रहे हैं नन्दीग्राम हो या बस्तर का … more →
bhaskar wrote 2 years ago: ताज़ा खबर ये है कि शिवसैना के बहादुरों ने जिनमें महिलाएँ भी शामिल थीं, मुम्बई की बार गर्ल्स को मारा प … more →
bhaskar wrote 2 years ago: कुछ दिन हुए केरल के एक प्रख्यात मन्दिर में एक केन्द्रीय मन्त्री के आगमन के उपरान्त मन्दिर को धोया गय … more →
bhaskar wrote 2 years ago: अच्छी नौकरी लगने के बाद बहुत से लोगों के सामने समस्या ये आती है कि अब जो पैसा बच रहा है उसका क्या कि … more →
bhaskar wrote 2 years ago: कभी कभी लोग पूछते हैं या बुद्धिजीवी किसिम के दोस्त ज़रूर पूछते हैं कि भाई भास्कर आजकल क्या पढ़ रहे हो … more →
bhaskar wrote 2 years ago: आर्कुट नाम की चीज़ से जो मुझे सबसे ज़्यादा फ़ायदा हुआ वो ये कि तमाम सारा शास्त्रीय संगीत उपलब्ध हुआ सुन … more →