एक कमरा सपनो भरा, फर्श मखमली, छत सितारों भरीं, दीवारें रंगों सजीं, खिड़कियाँ फूलों रंगीं, सपने कहीं उँचे की, आकाश भी कम लगे, ज़मीन कहीं मखमली की, बाल भी शूल लगे, एक बचपन उसने जिया, जिसे सब कुछ कम लगा… more →
NidhiKM...Dil Se...Life is not fair...You never know...Hai na...Tum jo bhi ho,sirf tumhare karana ho...Nidhi KM wrote 1 week ago: एक कमरा सपनो भरा, फर्श मखमली, छत सितारों भरीं, दीवारें रंगों सजीं, खिड़कियाँ फूलों रंगीं, सपने कहीं … more →
Nidhi KM wrote 3 weeks ago: सड़क के गढ्ढों मे, डोलता हुआ, आटो चला जा रहा था, एक स्टॉप मे, नवयुवती के चढ़ते ही, सारी नज़रे उस पर … more →
Nidhi KM wrote 4 months ago: तूफ़ानों से लड़ने वाले, हवा के झोको से नही डरते… इन्सान को तलाशने वाले, परछाईयों के पीछे, भगा … more →
Nidhi KM wrote 5 months ago: तुम कहते हो,वो बेवफा हो गया है… प्यार मे दर्द, हर रोज़ दे गया है… कभी सज़ा देता है, तो क … more →
Nidhi KM wrote 1 month ago: तुम बहुत मीठा बोलते हो, हर शब्द को, चाशनी मे घोलते हो, मिशरी की तरह, रस घोलते हो, न कड़वा बोलते हो, … more →
Nidhi KM wrote 3 months ago: मैने कयी बार, कभी अपनों के, कभी तुम्हारे कहने पर, नयी सुबह का इंतज़ार किया, नयी माला मे फूल गुथे, नय … more →
Nidhi KM wrote 3 months ago: चलते थे जिस ज़मीं पर, संभल संभल कर हम, सरकी वही ज़मी नये कदम उठाने के पहले, आसमान से तो पानी बरसता … more →
Nidhi KM wrote 4 months ago: चाहे जले हमारा जहाँ, रौशन रहे उनका जहाँ, जहाँ रहे चाहत हमारी… न आए उन पर, कोई भी आँच, जहां की … more →
Nidhi KM wrote 4 months ago: जिसको जो कहना हो, उसको वो कहने देना, मेरी प्रीत को, प्रीत “निधि” की रहने देना, तुम कोई न … more →
Nidhi KM wrote 4 months ago: छोटे छोटे सपने थे, पास मेरे सब अपने थे, न थी चाह, आसमान मे उड़ाने की, धरती ही मेरी अपनी थी, बड़ा सोच … more →
Nidhi KM wrote 4 months ago: 1) “वो”, मुझसे, बेइंतहाँ प्यार करता था, ऐसा वो और लोग मुझसे कहा करते थे, मेरे कारण उसके … more →
Nidhi KM wrote 4 months ago: कुतर दिए है, पंख अपने, जिनसे उँची उड़ान भारी थी, नील गगन मे, स्वच्छन्द उड़ चली थी, तोड़ दिए है, सब स … more →
Nidhi KM wrote 5 months ago: चाहे देखें तुम्हारी जादूगरी, चाहे देखें तुम्हारी बेरूख़ी, हमे बस अपने ही, बस मे रहना है… न हॅ … more →
Nidhi KM wrote 6 months ago: मेरी आँखों के आँसू आज थमते नही है ये सिसकियाँ मेरी रुकती नही है ना जाने क्या बात हुई आज की हम जीते न … more →
Nidhi KM wrote 6 months ago: आज फिर मन उदास है, कोई अपना नही पास है… चल रही हूँ जिन रहो मे, कभी … more →