कोहरा है या कोई सपना!… more →
premlatapandey wrote 1 month ago: कोहरा है या कोई सपना! … more →
Tags: चित्राभिव्यक्ति
विनय wrote 2 years ago: हर गली हर कूचा दर-ब-दर ढूँढ़ते हैं हम अपनी दुआ में असर ढूँढ़ते हैं तुम देखकर हँसते हो मुझे और हम तेर … more →
Tags: मेरी ग़ज़ल, धूप, इश्क़, Love, haze, प्यार, मंज़िल, मोहब्बत, सफ़र
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