Lost your password?

Blogs about: को

Featured Blog

मेरे वजूद को यूँ तेरे काम आना है2 comments

Rohit Jain wrote 9 months ago: मेरे वजूद को यूँ तेरे काम आना है जिगर का लख़्त लख़्त होंठ पर सजाना है न जाने क्या कहा है शम्अ ने परवान … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2008 A Poetic Journey, DEC 2008, Rohit, jain, 2008, है, मेरे, यूँ

How to send email in Hindi to Shri Lalu Prasad Yadav ?

oskanpur wrote 1 year ago: श्री लालू प्रसाद यादव भारतीय रेल मंत्री को हिन्दी में ईमेल कैसे करें - LokVidya IT KaryaShala Evam M … more →

Tags: eMail, minister, Indian, हिन्दी, में, Railway, ईमेल, करें, कैसे

ड़ूबनेवाले को इक ही तिनके का सहारा काफ़ी है

Rohit Jain wrote 1 year ago: ड़ूबनेवाले को इक ही तिनके का सहारा काफ़ी है समझदार को कहते हैं बस एक इशारा काफ़ी है यूँ ही नहीं कहता हू … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2008 A Poetic Journey, Jan 2008, ही, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit

इक जाम-ए-जुनूं को लबों से लगाया है

Rohit Jain wrote 1 year ago: इक जाम-ए-जुनूं को लबों से लगाया है दिल को इक नये ग़म का नशा कराया है ये कैसी हलचल मची है महफ़िल में क् … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2007 A Poetic Journey, Dec 2007, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain

चले हैं आज ज़माने को आज़माये हुए

Rohit Jain wrote 1 year ago: चले हैं आज ज़माने को आज़माये हुए ये देखो खून में अपने ही हम नहाये हुए न जाने मुझको हुआ कौन सा मक़ाम हास … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2007 A Poetic Journey, NOV 2007, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain

दिल को उनके आने की उम्मीद सी है

Rohit Jain wrote 1 year ago: दिल को उनके आने की उम्मीद सी है कुछ करम हो जाने की उम्मीद सी है हाथ में जाम लिये बैठा हूँ आँखों से म … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2007 A Poetic Journey, Sep 2007, की, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit

ग़म-ए-हस्ती को कोई अज़गार मिल जाये

Rohit Jain wrote 1 year ago: ग़म-ए-हस्ती को कोई अज़गार मिल जाये और कुछ नहीं कोई इन्तेज़ार मिल जाये ज़िंदगी साहिलों पर अटकी हुई है अब … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2007 A Poetic Journey, Feb 2007, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS