‘नज़र’ वह हस्ती’ उदू उसका’ उसका नाम रटे जो लिख दे वह नाम दिल पर कभी न मिट… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 7 months ago: ‘नज़र’ वह हस्ती’ उदू उसका’ उसका न … more →
विनय wrote 7 months ago: जब जीना लाज़मी हो जाये तो सबको सभी को मि … more →
विनय wrote 7 months ago: मैंने आँखों को लहू का समन्दर और दिल को … more →
विनय wrote 1 year ago: मैं वो आग हूँ जो लग जाऊँ तो जंगल का तिनक … more →