ramadwivedi wrote 2 days ago: १- रेखाओं की भी, होती है एक इबारत, पढ़ सको तो पढ़ लेना । २- रेखाएँ! सोच-समझ क … more →
ramadwivedi wrote 4 months ago: १- मजबूरियों का, अन्तहीन सिलसिला, आत्मदाह के लिए , जैसे घी की आहु … more →
ramadwivedi wrote 5 months ago: १- दहलीज तक मेरी, वे आए जरूर थे, पर जाने क्या हुआ, रास्ते बदल गए। २- हम … more →
ramadwivedi wrote 6 months ago: १- अपने घर की गली में खेलते हुए हमारा बचपन सुरक्षित तो था, लेकिन आज वह गली भी अपर … more →
ramadwivedi wrote 1 year ago: तुम उसके जैसे, बनने की कोशिश, कभी मत करना, क्यों कि तुम, वो नहीं बन सकते, लेकिन तुम बहुत कुछ, बन … more →
ramadwivedi wrote 1 year ago: चिड़ियों की ऊँची और ऊँची, उड़ने की कोशिश भी, आकाश को छू नहीं पातीं, … more →
ramadwivedi wrote 1 year ago: १- मिट्टी का मूल्य मिट्टी का मूल्य, तु् … more →
ramadwivedi wrote 1 year ago: ६- शादी का सुरक्षा-कवच पहन, शादीशुदा लोग, कहीं भी आसानी से , … more →
ramadwivedi wrote 1 year ago: १- प्यार नाम है बस, कुछ पल के आकर्षण का, प्यार नाम है … more →
ramadwivedi wrote 1 year ago: १- लद गए वे दिन,जब चंदन किसी अमीर की लाश जलाने के काम आता था, … more →
ramadwivedi wrote 1 year ago: १- आधुनिक लोग, सहूलियत ढूंढ़ते हैं, इसलिए ही, किसी अपने के … more →
ramadwivedi wrote 2 years ago: १- ” प्यार” जी हां प्यार भी दिल की मुठ्ठी में , … more →
ramadwivedi wrote 2 years ago: १- संबंधों में दूर तक पसरता, स्नेहहीनता का, बेशुमार मरूस्थल, स्नेह की तलाश में, … more →
ramadwivedi wrote 2 years ago: दहलीज चित्र -१ बेटियों के लिए एक दहलीज से, दूसरे द … more →
ramadwivedi wrote 2 years ago: १- पत्थर युग में ऐसा लगता है हम पत्थर युग की ओर धीरे-धीरे सरक … more →