Blogs about: क्षनिअका

सदियों से खडे बुत चलते नजर आ रहे हैं

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: बौद्धिक अँधेरे में ज्ञान के चिराग कुछ यूँ बेचे जा रहे हैं सदियों से अपनी जगह खडे बुत भी लोगों को चल … more →

Tags: hindi, writing, हिन्दी, vyangya, Kavita, inglish, कविता, दृष्टिकोण, व्यंग्य चिंतन

मुख, मुखौटा और सिंहासन-hasya kavita

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: मुखों की बैठक में सिंहासन पर मुखोटा रखने का मसला उठा था सबके चेहरे थे दागदार चुनाव के जुए में लोगों … more →

Tags: anugoonj, apne lamhe, अनुगूँज, अनुभूति, आचरण, कविता, ताल-बेताल, दृष्टिकोण, व्यंग्य चिंतन

ज़िन्दगी के बदलते रंग

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: उनके इन्तजार में गुजारे कयी बरस जिन्हें कभी हमारी याद न आयी जब वह आये हमारे घर  उनका बदल रुप देखकर … more →

Tags: apne lamhe, अनुगूँज, अभिव्यक्ति, आचरण, इंडिया, कविता, गीत, ताल-बेताल, यकीन

वाह ताज!

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: उसकी तस्वीर देखकर मैं मुस्कराकर रहा हूँ आज संगमरमर के पत्थर से कई हजार मजदूरों के ख़ून पसीने से बना … more →

Tags: कविता, गीत, ताल-बेताल, बिंब-प्रतिबिंब, शायरी, शेर, हिंदी, हिन्दी

चलना नाम है ज़िन्दगी का

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: थका हुआ शरीर उदास मन सूनी आँखें और कांपती जुबान पूछते है पता वह सुख और ख़ुशी का ओढ़े हैं लिबास स्वार … more →

Tags: अभिव्यक्ति, इंडिया, कविता, गीत, चरित्र, ताल-बेताल, दृष्टिकोण, प्रतिबिंब, बिंब-प्रतिबिंब

मोहब्बत एक ख़्वाब है

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: ताज मोहब्बत की निशानी है जो मरने के बाद निभानी है इसीलिये हर आशिक़ बनाने का वादा करता जाता यह सोचकर क … more →

Tags: apne lamhe, कविता, चरित्र, शायरी, हिन्दी, Blogroll, Dashboard, Global Dashboard, hindi

बेजुबानो को किया घर से बेदखल-पर्यावरण

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: वह कहते है हमारे घर में सांप बहुत निकलते हैं पूरे इलाक़े में है आतंक हाथी और शेर आदमी पर हमला करते … more →

Tags: Blogroll, writing, हिन्दी, Global Dashboard, Thought, संस्कार, vividha, हिंदी, विचार

आकाश में धरती:फिर स्वर्ग और नरक कहॉ है?

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago:                            वैज्ञानिकों ने आसमान एक धरती का अस्तित्त्व खोज निकाला है, उनके दावों पर … more →

Tags: Blogroll, hindi, writing, हिन्दी, Dashboard, anugoonj, Thought, dharam, aastha

सौन्दर्य का बोध नज़रों से नहीं दिल से होता है

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: क्रीम और पाउडर से पुते चेहरे सौंदर्य का बोध कराते थोडा पसीना में ही नहाते चेहरे की असलियत देखते ही … more →

Tags: Blogroll, hindi, हिन्दी, Dashboard, Global Dashboard, Kavita, Thought, inglish, कविता

जान-पहचान का नाम दोस्ती नही होता2 comments

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: बुरे लोग दोस्त किसी के नहीं होते  पर भले भी नहीं होते  दोस्त सिर्फ दोस्त जैसे होते हैं जो सत्य सामने … more →

Tags: Blogroll, हिन्दी, Global Dashboard, कविता

दर्द का यहाँ होता है व्यापार 3 comments

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: राजनीति वह व्यापार है जिसमें गरीबी, बेकारी भ्रष्टाचार और भुखमरी का दर्द बेचा जाता  दर्द के इलाज का … more →

Tags: हिन्दी, dharam, विचार, कविता

चुन लो अपने लिए चेन के पल 7 comments

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: बोलते तो हर पल हैं कभी खामोशी भी ओढ़ कर देख लो देखते तो हर पल हैं कभी आंख बंद कर भी देख लो सुनते तो … more →

Tags: Blogroll, हिन्दी, Global Dashboard, कविता


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS

Find other items tagged with “क्षनिअका”:
Technorati Del.icio.us IceRocket