कोई नहीं ये जानता के वो कब खतरे में है ज़िंदगी जीने का देखो हर सबब खतरे में है कोई यहां मंदिर को तोड़े, कोई ढ़ाए मस्जिदें क्या ज़माना आ गया है अब तो रब खतरे में है सोचते थे के यहां कानून है, बच जायेंगे एक… more →
इक शायर अंजाना सा...Rohit Jain wrote 1 year ago: कोई नहीं ये जानता के वो कब खतरे में है ज़िंदगी जीने का देखो हर सबब खतरे में है कोई यहां मंदिर को तोड़े … more →