और दाँव अपनी जाँ का किसने लगाया होगा फिर इश्क़ ने फ़रहाद कोई बुलाया होगा यूँ ही … more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय प्रजापति wrote 5 months ago: और दाँव अपनी जाँ का किसने लगाया होगा फ … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: चाँद गवाह है मेरे प्यार का क्या यही ख़ … more →
विनय प्रजापति wrote 7 months ago: तेरी यादों के साये तले जाने हम- कितनी द … more →
विनय प्रजापति wrote 7 months ago: तेरी यादों के, तेरे ख़ाबों के, साये … more →
विनय प्रजापति wrote 9 months ago: ख़ुदाया कभी करम मुझ पर भी सुम्बुल की थ … more →