विनय प्रजापति wrote 1 month ago: वक़्त का पहना उतार आये कुछ लम्हे मरके ग … more →
विनय प्रजापति wrote 3 months ago: मुझसे कोई प्यार कर ले दिल अपना देकर, दि … more →
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: तुम नहीं तो रंग नहीं होली में नहीं सजत … more →
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: वह सिर्फ़ मेरा है मेरा ही रहेगा जिस दिन … more →
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: मैं आँखों के लिए ख़ाब खरीदने निकला सित … more →
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: इस जानिब य उस जानिब कौन ‘नज़र’ है कौन … more →
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: तुम जो देखते हो मैं भी जानता हूँ यह सब ह … more →
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: वह जो मेरे ज़ख़्म गिनता है तो कहता है बस … more →
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: क्या वह तुम थे जो आँखों को महका गये तमन … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: मैं उससे मोहब्बत करता था आज भी करता हू … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: जब कभी वह शाम मुझे याद आयी मेरी जाने-बह … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: जो दिल से जाता नहीं है तू वह गीत है जो द … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: हज़ारों की भीड़ में हम अकेले रह गये जिस … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: एक ख़ुशबू जाने कहाँ से आयी है कुछ दिनो … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: आती-जाती रहती हैं यह सदियाँ रास्ते पर … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: कोई आता है ज़िन्दगी में, जैसे रोशनी जज़् … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: जादू जैसा छाया पहला-पहला नशा जी में आय … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: आज हो या कल हो हम आपको ही चाहेंगे कहता ह … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: इस पल से उस पल तक तुमको ही चाहेंगे कहता … more →