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Blogs about: ख़ामी

राहें क्या-क्या न आयेंगी इस दौरे-बदनामी में

विनय wrote 1 year ago: राहें क्या-क्या न आयेंगी इस दौरे-बदनामी में है अपना ही मज़ा घुटके मरने का ग़ुमनामी में मुझको गले से लग … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, दर्द, Love, time, प्यार, मोहब्बत, Pain, राहें