ख़ामोश निगाह तेरी क्या बातें करती है आँखों में रहती है व नींदों में बहती है द… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय प्रजापति wrote 6 months ago: ख़ामोश निगाह तेरी क्या बातें करती है आ … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: जो दिल से जाता नहीं है तू वह गीत है जो द … more →
विनय प्रजापति wrote 7 months ago: ख़ामोश सदाओं से कोई बुलाये मुझको बड़े … more →
विनय प्रजापति wrote 11 months ago: बहुत उदास-सी एक शाम बैठी है मेरे साथ अप … more →