मेरा माहताब जिसे देखा दिल हुआ बेताब मेरा मेरा मेरा मेरा माहताब जिसे देखा दिल हुआ बेताब जिसे देखा दिल हुआ बेताब जिसे देखा देखा देखा दिल हुआ बेताब मेरा मेरा मेरा मेरा माहताब सुलगता सुलगता हुआ ख़ाब खिला … more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 1 year ago: मेरा माहताब जिसे देखा दिल हुआ बेताब मेरा मेरा मेरा मेरा माहताब जिसे देखा दिल हुआ बेताब जिसे देखा दिल … more →