Blogs about: ख़ुदा

आँखों की ख़ुशबू को छुआ नहीं महसूस किया जाता है5 comments

विनय wrote 2 months ago: आँखों की ख़ुशबू को छुआ नहीं महसूस किया जाता है दिल को बहलावा नहीं दर्द दिया जाता है दर्द जो है इश्क़ … more →

Tags: मेरा गीत, आँखें, इश्क़, ख़ुशबू, जनम, तन्हाई, दर्द, दूरी, धागे

दाग़े-शबे-हिज्राँ बुझाये नहीं बुझते9 comments

विनय wrote 4 months ago: दाग़े-शबे-हिज्राँ बुझाये नहीं बुझते आँसू बहते हैं इतना छुपाये नहीं छिपते होता है कभी, शाम आती है चाँ … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, चाँद, Heart, दिल, शाम, Separation, तस्व्वुर, मरासिम, आँसू

इश्क़ सुना है हमने बहुत13 comments

विनय wrote 1 year ago: इश्क़ सुना है हमने बहुत ज़रा करके तो देखें मिल जाये कोई कमसिन हसीना उसपे मरके तो देखें हाए रे हाए, हाए … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Love, Flower, मौसम, गुल, दिल, प्यार, ख़ुशबू

वह दिल में एक मस्जिद है3 comments

विनय wrote 1 year ago: वह दिल में एक मस्जिद है जिसमें रोज़ नमाज़ अदा करता हूँ वह मन मन्दिर की देवी है जिसकी साँझ-सवेरे पूजा क … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Love, god/dess, time, दिल, प्यार, फ़ितरत, मोहब्बत

कैसी फ़रियाद कैसा नाला

विनय wrote 1 year ago: कैसी फ़रियाद, कैसा नाला हम क़ैसो-फ़रहाद नहीं हम हैं ख़ुदा से, ख़ुदा हमसे सिवाय इसके कुछ याद नहीं शायिर: … more →

Tags: रुबाइयाँ, इश्क़, Love, प्यार, याद, मोहब्बत, क़ैस, Memory, God

उम्मीद जागी है इक बार फिर तुम्हें पाने की

विनय wrote 1 year ago: उम्मीद जागी है इक बार फिर तुम्हें पाने की बचाये ख़ुदा! नज़र न लग जाये ज़माने की तेरी जुस्त-जू को न मिट … more →

Tags: रुबाइयाँ, वक़्त, उम्मीद, इश्क़, Love, time, प्यार, मोहब्बत, नज़र

तुम जो देखते हो

विनय wrote 1 year ago: तुम जो देखते हो मैं भी जानता हूँ यह सब हुनर मैं भी जानता हूँ यह ख़ाब कच्चे तागे-सा है मगर सुबह टूट ज … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ख़ाब, इश्क़, Love, आइना, प्यार, मोहब्बत, दुनिया, सबब

वह जो मेरे ज़ख़्म गिनता है

विनय wrote 1 year ago: वह जो मेरे ज़ख़्म गिनता है तो कहता है बस इतने ही! ख़िज़ाँ आयी बहार लौट गयी निशान रह गये इतने ही उसने न … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ख़ाब, वक़्त, time, Reminisce, याद, दीवाना, बहार, सदा

क्यों हो गया न प्यार...!

विनय wrote 1 year ago: यह प्यार चीज़ क्या है? दीवानों का है काम बेकार ही पीछे दौड़ते हैं बिन सोचे अन्जाम कहते थे कि प्यार हम … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, NEED, Heart, Love, दिल, प्यार, एतबार, मोहब्बत

ख़ुदा ने जब किसी को2 comments

विनय wrote 1 year ago: ख़ुदा ने जब किसी को न कहा अपना ख़ुदा फिर तूने क्यों कहा ग़ैर को अपना ख़ुदा यह तो हद ही कर दी तूने, य … more →

Tags: मेरी नज़्म, ज़िन्दगी, light, दरवाज़ा, क़दम, दिए, Life, Stranger, feet

मग़फ़रत कर ऐ ख़ुदा

विनय wrote 1 year ago: ‘नज़र’ को मग़फ़रत कर ऐ ख़ुदा ऐसा भी क्या गुनाह उसका, जो… मोहब्बत में न’कामयाब … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, नज़र, Good, moksa, मग़फ़रत

तेरी चुप निगाहें2 comments

विनय wrote 1 year ago: तेरी चुप निगाहें व शर्मायी नज़रें तेरे प्यार का तोहफ़ा हैं, मेरे लिए एक बार तो कुछ कह दे सनम तू एक बार … more →

Tags: मेरा गीत, ज़िन्दगी, इश्क़, Love, प्यार, याद, चेहरा, माहताब, मोहब्बत

जीज़स से पूछेंगे तुमको बनाया कैसे2 comments

विनय wrote 1 year ago: जीज़स से पूछेंगे तुमको बनाया कैसे कम्प्यूटर से रचा या बनाया हाथ से कुछ न कुछ बात तो सभी में थी पर हसी … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Love, Rose, दिल, प्यार, मोहब्बत, बाँहें, दिलरुबा

दिल की लगी दिल को दिल से लगी

विनय wrote 1 year ago: दिल की लगी दिल को दिल से लगी जब लगी यह आग फिर न बुझी यह दिल की लगी है दिल से लगी है जब यह लगी है फिर … more →

Tags: मेरा गीत, मुहब्बत, इश्क़, Heart, Love, सावन, दिल, प्यार, ख़ुशबू

तुम हो मेरी चंद्रकला

विनय wrote 1 year ago: अम्बर में जब चाँद खिला उस पल से चला जानाँ एक नया सिलसिला मुहब्बत भरी वादियों में इक नया गुल खिला तुम … more →

Tags: मेरा गीत, चाँद, मुहब्बत, इश्क़, Love, प्यार, माहताब, मोहब्बत, वफ़ा

ख़ामोश सदाओं से कोई बुलाये मुझको3 comments

विनय wrote 1 year ago: ख़ामोश सदाओं से कोई बुलाये मुझको बड़े दिन हुए कोई रुलाये मुझको अपना अब कहूँ किसे कोई नहीं मेरा ख़ुशी … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ख़ुशी, दर्द, दिल, प्यार, ग़म, ख़ामोश, रुलाये, वुजूद

और कैसे रक़ीब के यार हमसे पेश आते

विनय wrote 1 year ago: और कैसे रक़ीब के यार हमसे पेश आते वह हमसे अय्यारी नहीं तो और क्या फ़रमाते हमारी क़िस्मत में जीते-जी फ़ना … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ज़िन्दगी, इश्क़, दोस्त, रक़ीब, Heart, Love, दिल, प्यार

ख़ुदाया कभी करम मुझ पर भी

विनय wrote 1 year ago: ख़ुदाया1 कभी करम मुझ पर भी सुम्बुल2 की थोड़ी मेहर इधर भी प्यार क्या है नहीं जानता मैं मगर सिखा दे मु … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ख़ाब, चाँद, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, ख़बर, dream


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