Blogs about: ख़ुदा
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इश्क़ सुना है हमने बहुत
इश्क़ सुना है हमने बहुत ज़रा करके तो देखें मिल जाये कोई कमसिन हसीना उसपे मरके त… more »
तख़लीक़-ए-नज़र
इश्क़ सुना है हमने बहुत
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विनय प्रजापति wrote 4 days ago: इश्क़ सुना है हमने बहुत ज़रा करके तो देख … more »
वह दिल में एक मस्जिद है
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विनय प्रजापति wrote 3 weeks ago: वह दिल में एक मस्जिद है जिसमें रोज़ नमा … more »
तुम मेरे हो
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: तुम मेरे हो, मेरे ही मेरे हो कितनी हों द … more »
हर गली में ढूँढ़ा तेरा निशाँ
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: हर गली में ढूँढ़ा तेरा निशाँ मैं भटकता … more »
यह बता मुझको! तुझको मुझसे क्या गिला
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: यह बता मुझको! तुझको मुझसे क्या गिला मु … more »
कैसी फ़रियाद कैसा नाला
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: कैसी फ़रियाद, कैसा नाला हम क़ैसो-फ़रहाद न … more »
उम्मीद जागी है इक बार फिर तुम्हें पाने की
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: उम्मीद जागी है इक बार फिर तुम्हें पाने … more »
नग़मे खिलने लगे हैं
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: नग़मे खिलने लगे हैं नज़्म महकने लगी है … more »
तुम जो देखते हो
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: तुम जो देखते हो मैं भी जानता हूँ यह सब ह … more »
वह जो मेरे ज़ख़्म गिनता है
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: वह जो मेरे ज़ख़्म गिनता है तो कहता है बस … more »
वह तो कमाल है
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: वह तो कमाल है, इक वबाल है ज़ुल्फ़ों में जि … more »
क्यों हो गया न प्यार...!
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: यह प्यार चीज़ क्या है? दीवानों का है काम … more »
ख़ुदा ने जब किसी को
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: ख़ुदा ने जब किसी को न कहा अपना ख़ुदा फि … more »
मग़फ़रत कर ऐ ख़ुदा
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: ‘नज़र’ को मग़फ़रत कर ऐ ख़ुदा ऐसा भी क् … more »
तेरी चुप निगाहें
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: तेरी चुप निगाहें व शर्मायी नज़रें तेरे … more »
जीज़स से पूछेंगे तुमको बनाया कैसे
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: जीज़स से पूछेंगे तुमको बनाया कैसे कम्प … more »
दिल की लगी दिल को दिल से लगी
विनय प्रजापति wrote 3 months ago: दिल की लगी दिल को दिल से लगी जब लगी यह आ … more »
तुम हो मेरी चंद्रकला
विनय प्रजापति wrote 3 months ago: अम्बर में जब चाँद खिला उस पल से चला जान … more »
ख़ामोश सदाओं से कोई बुलाये मुझको
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विनय प्रजापति wrote 3 months ago: ख़ामोश सदाओं से कोई बुलाये मुझको बड़े … more »
