आँखों की ख़ुशबू को छुआ नहीं महसूस किया जाता है दिल को बहलावा नहीं दर्द दिया जाता है दर्द जो है इश्क़ में वह ही ख़ुदा है सबका दर्द के पहलू में यार को सजदा किया जाता है आँखों की ख़ुशबू को छुआ नहीं महसूस … more →
तख़लीक़-ए-नज़रwrote 8 months ago: आँखों की ख़ुशबू को छुआ नहीं महसूस किया जाता है दिल को बहलावा नहीं दर्द दिया जाता है दर्द जो है इश्क़ … more →
wrote 1 year ago: ख़ुशबू बिछायी है राहों में तुम चले आओ, तुम चले आओ दिल बेक़रार है बहुत तुम चले आओ, तुम चले आओ मौसम बड़ … more →
wrote 1 year ago: एक दोस्त मेरा भी हो एक यार मेरा भी हो जिसकी बाँहों में मुझे मिल जाये ज़िन्दगी जो झूठ-मूठ रूठ के सताये … more →
wrote 1 year ago: मैं सबसे बुरा था सबसे बुरा हूँ सबसे बुरा ही रहूँगा मैं जी रहा था जी रहा हूँ ऐसे ही जीता रहूँगा उसने … more →
wrote 1 year ago: इश्क़ सुना है हमने बहुत ज़रा करके तो देखें मिल जाये कोई कमसिन हसीना उसपे मरके तो देखें हाए रे हाए, हाए … more →
wrote 1 year ago: बहुत ख़ूबसूरत प्यार का दिन है जिसे चाहो दिल से, उसे पाने का दिन है रंग हैं चारों तरफ़, गुलाबों की ख़ु … more →
wrote 1 year ago: उम्मीद है हम तुम मिलेंगे उम्मीद है नये दीप जलेंगे जब बसंत की धूप महकेगी उम्मीद है दोनों दिल खिलेंगे … more →
wrote 1 year ago: ख़ुशबू तेरी मेरे बदन से जाती नहीं पैग़ामे-मोहब्बत चिठ्ठियाँ लाती नहीं तुम क्या जानो बेक़रारी मेरी प्य … more →
wrote 1 year ago: जो दिल से जाता नहीं है तू वह गीत है जो दिल में आकर बसा था तू वह मीत है साँसों की सरगम बस तुम ही तुम … more →
wrote 1 year ago: एक मेरा सपना तू ही तो थी जाना दूर जो गयी तू हो गया वह बेग़ाना इंतिज़ार तेरा करता हूँ तेरी क़सम हर लम्ह … more →
wrote 1 year ago: एक ख़ुशबू जाने कहाँ से आयी है कुछ दिनों से दिल पर छायी है शायद, शायद ऐसा तब लगता है जब प्यार किसी से … more →
wrote 1 year ago: जानते हैं दर्द बुझते हुए चाँद का जब बढ़ते आते हैं सुबह के क़दम जुस्त-जू की छाया खो जाती है कहीं चाँद … more →
wrote 1 year ago: जब-जब सनम तेरी यादें आती हैं कैसे कहें कितना तन्हा कर जाती हैं रोते हैं सब से छिपकर अँधेरों में ख़ुद … more →
wrote 1 year ago: दिल की लगी दिल को दिल से लगी जब लगी यह आग फिर न बुझी यह दिल की लगी है दिल से लगी है जब यह लगी है फिर … more →
wrote 1 year ago: जैसे ज़िन्दगी वीरान है जैसे ज़िन्दगी बेनाम है तू मेरी बाँहों से दूर है तू निगाहों का नूर है, मेरे लिए … more →
wrote 1 year ago: दिल में तू नहीं तो क्या है सखी मान ले तू, हम तेरे हैं हमनशीं चाँदनी और सितारों की सरज़मीं महकती हवा औ … more →
wrote 1 year ago: ग़म देना उनकी फ़ितरत में शामिल होगा मेरी फ़ितरत तो मुहब्बत देने की रही है दूर रहना उनकी आदत में शामिल ह … more →
wrote 2 years ago: मेरे बचपन की ख़ुशबू मेरे साथ ही चलती है कभी मेरे ख़ाब में कभी किताब में मिलती है कभी पतंगों के साथ आ … more →
wrote 2 years ago: जब तक तेरी तमन्ना करेंगे जीते जायेंगे वरगना दम तोड़ देंगे मर जायेंगे तुमने जो कहा तो मर भी जाना है ह … more →