Blogs about: ख़ुशबू
Featured Blog
इश्क़ सुना है हमने बहुत
इश्क़ सुना है हमने बहुत ज़रा करके तो देखें मिल जाये कोई कमसिन हसीना उसपे मरके त… more »
तख़लीक़-ए-नज़र
इश्क़ सुना है हमने बहुत
— 6 comments
विनय प्रजापति wrote 4 days ago: इश्क़ सुना है हमने बहुत ज़रा करके तो देख … more »
रात चाँदनी का दरया हुई
— 4 comments
विनय प्रजापति wrote 4 weeks ago: रात चाँदनी का दरया हुई चल चाँद की कश्त … more »
यह दिन प्यार का दिन है
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: बहुत ख़ूबसूरत प्यार का दिन है जिसे चाह … more »
तुम्हारी ख़ुशबू से महक उठा है मन
— 2 comments
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: तुम्हारी ख़ुशबू से महक उठा है मन तुम्ह … more »
ज़िन्दगी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैं तुम तक आ गया
— 2 comments
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: ज़िन्दगी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैं तुम तक आ ग … more »
उम्मीद है हम तुम मिलेंगे
— 3 comments
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: उम्मीद है हम तुम मिलेंगे उम्मीद है नये … more »
तस्व्वुरे-हुस्नो-सादगिए-'शीना'
— 4 comments
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: सुबह-सा चेहरा, माथे पर सूरज-सी बिन्दिय … more »
ख़ुशबू तेरी मेरे बदन से जाती नहीं
— 4 comments
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: ख़ुशबू तेरी मेरे बदन से जाती नहीं पैग़ … more »
नग़मे खिलने लगे हैं
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: नग़मे खिलने लगे हैं नज़्म महकने लगी है … more »
मेरी आँखों पर जो था
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: मेरी आँखों पर जो था तेरी ख़ुशबू का आँच … more »
इस पुराने शहर में
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: इस पुराने शहर में कुछ पुरानी इमारतें ह … more »
नींद गहरी है रात ठहरी है
— 2 comments
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: नींद गहरी है रात ठहरी है आज ख़ाबों की ब … more »
ख़ामोशी ही ख़ामोशी है
— 2 comments
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: ख़ामोशी ही ख़ामोशी है अंधेरी रातों मे … more »
जो दिल से जाता नहीं है
— 3 comments
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: जो दिल से जाता नहीं है तू वह गीत है जो द … more »
एक मेरा सपना तू ही तो थी
— 2 comments
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: एक मेरा सपना तू ही तो थी जाना दूर जो गयी … more »
जब प्यार किसी से होता है
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: एक ख़ुशबू जाने कहाँ से आयी है कुछ दिनो … more »
जानते हैं दर्द बुझते हुए चाँद का
विनय प्रजापति wrote 3 months ago: जानते हैं दर्द बुझते हुए चाँद का जब बढ … more »
रोते हैं सब से छिपकर
— 2 comments
विनय प्रजापति wrote 3 months ago: जब-जब सनम तेरी यादें आती हैं कैसे कहें … more »
दिल की लगी दिल को दिल से लगी
विनय प्रजापति wrote 3 months ago: दिल की लगी दिल को दिल से लगी जब लगी यह आ … more »
