जब भी तेरा नाम लेती हैं बहुत ख़ुश होती हैं आँखें मुस्कुराती हैं तेरे लबों से … more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 7 months ago: जब भी तेरा नाम लेती हैं बहुत ख़ुश होती … more →
विनय wrote 8 months ago: दूदे - तन्हाई के उस पार क्या है … more →
विनय wrote 9 months ago: तुमको न पाया तो खोया भी कुछ नहीं पत्थर … more →