कल की रात बहुत हसीन थी आँखों में उतर आये थे महके हुए ख़्वाब… पहले तो हम चराग़ों के नूर में बैठे हुए बातें कर रहे थे, फिर किसी रस्म के मौक़े पर चहल-पहल थी घर में… और वह झिलमिलाते सितारों वाले… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 1 year ago: कल की रात बहुत हसीन थी आँखों में उतर आये थे महके हुए ख़्वाब… पहले तो हम चराग़ों के नूर में बैठे … more →