आज हो या कल हो हम आपको ही चाहेंगे कहता है जो कुछ मन उसको ही मानेंगे आज हो या कल … more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 8 months ago: आज हो या कल हो हम आपको ही चाहेंगे कहता ह … more →
विनय wrote 8 months ago: इस पल से उस पल तक तुमको ही चाहेंगे कहता … more →
विनय wrote 8 months ago: मैं सबसे जुदा-जुदा रहने लगा हूँ ख़ुद स … more →
विनय wrote 8 months ago: दूदे - तन्हाई के उस पार क्या है … more →
विनय wrote 9 months ago: तुमको न पाया तो खोया भी कुछ नहीं पत्थर … more →
विनय wrote 9 months ago: दिल के दाग़ सभी ज़ख़्म हुए वह ख़फ़ा हुआ हम … more →