खुशबू जैसे सब रिश्ते हैं, जितना थामूं उड़ जाते हैं इन रस्तों में कुछ गड़बड़ है, उसकी जानिब मुड़ जाते हैं मान रहा हूं दिल टूटा है, दर्द का रिश्ता भी झूठा है पर मानो मै रोक रहा हूँ, फिर भी रिश्ते जुड़ जाते ह… more →
इक शायर अंजाना सा...Nidhi KM wrote 3 months ago: मैने कयी बार, कभी अपनों के, कभी तुम्हारे कहने पर, नयी सुबह का इंतज़ार किया, नयी माला मे फूल गुथे, नय … more →
kmuskan wrote 1 year ago: वो फूल ही कया जिसमे खुशबू ना हो वो दिल ही कया जिसमे किसी का पयार न हो वो पयार ही कया जिसमे दरद ना हो … more →
Rohit Jain wrote 1 year ago: खुशबू जैसे सब रिश्ते हैं, जितना थामूं उड़ जाते हैं इन रस्तों में कुछ गड़बड़ है, उसकी जानिब मुड़ जाते हैं … more →
Rohit Jain wrote 1 year ago: बिखरे हुए से फूलों में तूफ़ान की खुशबू आई है इक गद्दार ग़रेबां से ईमान की खुशबू आई है हमने ये ना जाना … more →
Rohit Jain wrote 1 year ago: खुशबू कोई भटकती हुई साँसों में चली आती है काँच के ख्वाब लाती हैं, हिज्र की बिजली लाती है जब भी सुनता … more →