खुशियों की बौछार खिलखिलाता मौसम आया उड़ता है मन मगन धरा पर गगन उतर आया देवालय पर पूर्ण चन्द्रमा अनहोनी यह बात दीप जल रहे लगता निकली तारों की बारात फुलझडि़यों की माला निहारिकाओं का आभास फूट रहे पटाखे बम… more →
हरिहर झाHarihar Jha हरिहर झा wrote 2 years ago: खुशियों की बौछार खिलखिलाता मौसम आया उड़ता है मन मगन धरा पर गगन उतर आया देवालय पर पूर्ण चन्द्रमा अनहोन … more →