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Blogs about: गंगा

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क्या ये सही नहीं रहेगा4 comments

प्रेमलता पांडे wrote 1 month ago: आज पढ़ा कि विश्व बैंक गंगा को शुद्ध करने के लिए कुछ राशि देने जा रहा है। ठीक वैसी ही अनुभूति हुई जैसी … more →

Tags: लेख/आलेख, विरासत, हलचल

गंगा

Vision Raval wrote 3 months ago: … more →

Tags: Uncategorized

गंगा का उद्गम – 34 comments

pryas wrote 4 months ago: अब तक आपने पढा - अलका और उर्वशी भगीरथ के तप को नहीं तोड पायीं। दोनों हारीं और लौट गई। उनके लौटते ही … more →

Tags: हमारे प्रमुख तीरथ, pryas, प्रयास, यह भी खूब रही, yah bhi khoob rahi, भगवान राम, Ganga, गंगा का उद्गम, राजा सगर

गंगा का उद्गम - 24 comments

pryas wrote 4 months ago: अब तक आपने पढा भगवान राम के कुल में एक राजा थे राजा सगर. राजा सगर ने अश्वमेध यज्ञ किया. राजा इंद्र न … more →

Tags: हमारे प्रमुख तीरथ, pryas, प्रयास, यह भी खूब रही, yah bhi khoob rahi, भगवान राम, Ganga, गंगा का उद्गम, राजा सगर

गंगा का उद्गम7 comments

pryas wrote 4 months ago: भगवान राम के कुल में राजा हुए हैं, सगर, राम से बहुत पहले। वह बड़े वीर थे। बड़े साहसी थे। उनका दबदबा … more →

Tags: हमारे प्रमुख तीरथ, pryas, प्रयास, यह भी खूब रही, yah bhi khoob rahi, भगवान राम, Ganga, गंगा का उद्गम, राजा सगर

प्यार गंगा की धार1 comment

Harihar Jha हरिहर झा wrote 7 months ago: रजनी जग को सुलाये सहे तिमिर का वार नभ खुश हो पहनाये चांद-तारों का हार बन के खुद आइना रहा रूप को निखा … more →

Tags: काव्यालय, गीत, काम, प्यार, प्रकृति, मां, रजनी

छब्बीस जनवरी अर्थात् गणतंत्र दिवस, और मैं 3 comments

योगेन्द्र जोशी wrote 10 months ago: आज गणतंत्र दिवस है, साठवां गणतंत्र दिवस । हर बीते वर्ष की तरह मनाया जाने वाला दिवस । अगले वर्ष इसी त … more →

Tags: इंडिया, भारत, democracy, लोकतंत्र, जनतंत्र, गणतंत्र, भ्रष्टाचार, कूड़ा, गणतंत्र दिवस

ज्ञान का दीपक3 comments

pryas wrote 10 months ago: काशी में गंगा के तट पर एक संत का आश्रम था। एक दिन उनके एक शिष्य ने पूछा, ‘गुरुवर, शिक्षा का नि … more →

Tags: हितोपदेश, pryas, Hindi Blog, Delhi, naresh blog, naresh delhi, kaashi, Ganga, Guru

बोल गंगा मैया की जय!6 comments

प्रेमलता पांडे wrote 1 year ago: गंगोत्री ग्लेशियर से निकली तीनों धाराएँ अलकनंदा, मंदाकिनी और भागीरथी हिमालय की गोद छोड़कर नीचे धाती ह … more →

Tags: लेख/आलेख

Burning Ganga2 comments

Grey Rainbow - स्याह इंद्रधनुष wrote 1 year ago: गंगा तुम क्यों जलती हो, क्या उन पापों से जो धोए तुमने ? या देख कर उन पापों को जो होने को तैयार दिलों … more →

Tags: कविता, Photographs, Voice, Podcast

तेरे खुशबु मे बसे ख़त मैं जलाता कैसे5 comments

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: तेरे खुशबु मे बसे ख़त मैं जलाता कैसे, जिनको दुनिया की निगाहों से छुपाये रखा, जिनको इक उम्र कलेजे से … more →

Tags: A Mile Stone, Álbums, Arth, अर्थ, गज़ल, जगजीत सिहँ, Chitra Singh, Movies, Ghazal

प्यार गंगा की धार2 comments

Harihar Jha हरिहर झा wrote 1 year ago: रजनी जग को सुलाये सहे तिमिर का वार नभ खुश हो पहनाये चांद-तारों का हार बन के खुद आइना रहा रूप को निखा … more →

Tags: गीत, काव्यालय, प्रकृति, प्यार, रजनी, मां, काम


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