एक बुढ़िया बड़ी सी गठरी लिए चली जा रही थी। चलते-चलते वह थक गई थी। तभी उसने देखा कि एक घुड़सवार चला आ रहा है। उसे देख बुढ़िया ने आवाज दी, ‘अरे बेटा, एक बात तो सुन।’ घुड़सवार रुक गया। उसने प… more →
यह भी खूब रहीडा. अमर कुमार wrote 5 months ago: इन कठिनाइयों के बाद भी…. इस दल ने विदेश से अस्त्र प्राप्त करने का बड़ा उत्तम सूत्र प्राप्त किया … more →
विनय wrote 9 months ago: बहुत पुराना है वह रिश्ता जिसे गठरी में बाँधकर रखा है मेहमान को बिठाया बाहर घर को किराये पर दे रखा है … more →
pryas wrote 1 year ago: एक बुढ़िया बड़ी सी गठरी लिए चली जा रही थी। चलते-चलते वह थक गई थी। तभी उसने देखा कि एक घुड़सवार चला आ … more →