‘अरे उन्मुक्त जी, क्यों बोर कर रहे हैं। हमें भी मालुम है कि आज अलबर्ट आइन्स्टीन का जन्मदिन है। केवल आप ही नहीं हैं जिसने जीशान जी की बेहतरीन चिट्ठी पढ़ी है। हमने भी उसे पढ़ा है। दूसरों की बात … more →
छुट-पुटउन्मुक्त wrote 3 months ago: ‘अरे उन्मुक्त जी, क्यों बोर कर रहे हैं। हमें भी मालुम है कि आज अलबर्ट आइन्स्टीन का जन्मदिन ह … more →
उन्मुक्त wrote 2 years ago: पहेली बूझना तो पहेलीबाज जी के जिम्मे था – मालुम नहीं कहां खो गये। क्या, किसी को, उनका पता मा … more →
उन्मुक्त wrote 3 years ago: मै आपको स्नो-व्हाईट और सेवेन द्वार्फस की कहानी नहीं बताने जा रहा हूं| मै तो आपसे आईने के प्रतिबिम्ब, … more →
उन्मुक्त wrote 3 years ago: चार बराबर पांच, पांच बराबर चार … माफ कीजयेगा यह पोस्ट फिर से कर रहा हूं| क्या करूं Error 404 प … more →