Blogs about: गत्यात्मक ज्योतिष

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जन्मकुंडली बनाम् कर्मकुंडली146 comments

संगीता पुरी wrote 1 year ago:                                        किसी भी व्यक्ति की जन्मकुंडली और कर्मकुंडली में बड़ा अंतर … more →

पूर्व वृद्धावस्था का प्रतीक ग्रहःबृहस्पति5 comments

संगीता पुरी wrote 1 year ago: दया , धर्म , न्याय आदि गुणों से युक्त बृहस्पति की स्थिति सौरमंडल में सूर्य या पृथवी से बहुत ही दूर … more →

उत्तर.प्रौढ़ावस्था का प्रतीक ग्रहःसूर्य3 comments

संगीता पुरी wrote 1 year ago: सूर्य सौरमंडल का आधार है। यूं तो सौरमंडल में सूर्य स्थिर है और अन्य सभी ग्रह इसकी परिक्रमा करते हैं … more →

पूर्व प्रौढ़ावस्था का प्रतीक ग्रहःशुक्र

संगीता पुरी wrote 1 year ago: सौरमंडल में शुक्र ग्रह की स्थिति पृथ्वी और सूर्य के मध्य में होती है , इसलिए किसी भी जन्मकुंडली मे … more →

युवावस्था का प्रतीक ग्रहःमंगल1 comment

संगीता पुरी wrote 1 year ago: मंगल सौरमंडल का एक प्रमुख ग्रह है , यह हिम्मत, ताकत , अधिकार, उमंग और उत्साह का प्रतीक ग्रह है इस … more →

किशोरावस्था का प्रतीक ग्रह : बुध1 comment

संगीता पुरी wrote 1 year ago:                       चंद्रमा के पश्चात पृथ्वी के सबसे निकट बुध है , जिसकी स्थिति पृथ्वी और सूर्य क … more →

कमजोर चंद्रमाःअसाधारण व्यक्तित्व3 comments

संगीता पुरी wrote 1 year ago: गत्यात्मक ज्योतिष में सूर्य से 40 डिग्री तक की दूरीवाले चांद को कमजोर माना जाता है , जिसके कारण बा … more →

शीर्षक समेत पूरे अनुच्छेद की नकल3 comments

संगीता पुरी wrote 1 year ago: लगभग 30 वर्षों तक परंपरागत ज्योतिष के ऋषियों , महर्षियों और ज्योतिषियों के बनाए सिद्धांतों के घने ज … more →

बाल्यावस्था का प्रतीक ग्रहःचंद्रमा1 comment

संगीता पुरी wrote 1 year ago: चंद्रमा पृथ्वी का निकटतम ग्रह है। इसलिए इसका प्रभाव पृथ्वी पर सर्वाधिक पड़ता है। समुद्र में ज्वार.भा … more →

ग्रहों की गति और भावफल

संगीता पुरी wrote 1 year ago: किसी भी जन्मकुंडली के विभिन्न भावों के फल से ग्रह गति का गहरा संबंध है। किसी भी भाव की भविष्यवाणी उस … more →

कुंडली के बारह भावों के वर्गीकरण का आधार6 comments

संगीता पुरी wrote 1 year ago: प्राचीन आर्य ऋषियों ,  महर्षियों और अन्य ज्योतिषियों ने पूरे भचक्र के 360 डिग्री को बारह भागों में य … more →

ग्रहों की स्थैतिक ऊर्जा

संगीता पुरी wrote 1 year ago: पृथवी के सापेक्ष ग्रहों की स्थिति का जब हम अधययन करते हैं , तो हम पाते हैं कि ये कभी तेजी से कभी धीम … more →

सापेक्षिक गत्यात्मक शक्ति

संगीता पुरी wrote 1 year ago: किसी ग्रह की गत्यात्मक शक्ति के अनुसार ही जातक किसी प्रकार की परिस्थिति प्राप्त करता है तथा उसकी का … more →

स्वक्षेत्री ग्रहों का प्रभाव

संगीता पुरी wrote 1 year ago: फलित  ज्योतिष  के प्राचीन ग्रंथों  में स्वक्षेत्री ग्रहों को काफी महत्वपूर्ण  समझा जाता है ।  यहाँ त … more →

ग्रह-गति का मानव जीवन पर प्रभाव

संगीता पुरी wrote 1 year ago: गत्यात्मक ज्योतिष की जानकारी के बाद किसी व्यक्ति के जन्म के समय ग्रहों की गति मात्र को देखकर ही जातक … more →

गत्यात्मक ज्योतिष का आधार2 comments

संगीता पुरी wrote 1 year ago: सौरमंडल में भले ही सूर्य स्थिर हो और अन्य ग्रह उसकी परिक्रमा करते हों , परंतु फलित ज्योतिष पृथ्वी को … more →

गत्यात्मक ज्योतिष क्या है ?

संगीता पुरी wrote 1 year ago: फलित ज्योतिष के प्राचीन ग्रंथों में वर्णित ग्रहों की अवस्था और उनकी गति के अनुसार ही मनुष्य के ज … more →

गत्यात्मक ज्योतिष के जनक

संगीता पुरी wrote 1 year ago: गत्यात्मक ज्योतिष´ की चर्चा के साथ ही साथ इसका प्रतिपादन करनेवाले वैज्ञानिक ज्योतिषी श्री विद्यासागर … more →

गतिशील विचारधारा यानि वैज्ञानिक विचारधारा

संगीता पुरी wrote 1 year ago: आज जब सभी सरकारी और गैरसरकारी संस्थाएं ज्योतिष विज्ञान के प्रति उपेक्षात्मक रवैया अपना रही है , सभी … more →


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