इस दिल की भावना कोई ना समझ पाया कि आते आते ये दर्द आँखों में भर आया इस दर्द को पोंछने में भी एक टीसें सी उठी बह जाने दो मुझे एक बार कहीं ये आवाज उठी आज फिर उसे रोकने में हाथ कंपकंपाया है इस दर्दनाक आव… more →
vikash wrote 2 years ago: इस दिल की भावना कोई ना समझ पाया कि आते आते ये दर्द आँखों में भर आया इस दर्द को पोंछने में भी एक टीसे … more →
Tags: कविता
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