गर्मी की ऋतु ऐसी जिसमें साजन भये विदेशी सारे ए.सी. बन्द पड़े कैसे कैसे समय कटे। तन जलता मन बहुत मचलता दिन निकले कैसे शुष्क नदी में मीन तड़पती बिन पानी जैसे ताल तलैया सूख गए हैं पोखर सब सिमटे। अंगिया उमस… more →
अनुभूति कलशramadwivedi wrote 5 months ago: गर्मी की ऋतु ऐसी जिसमें साजन भये विदेशी सारे ए.सी. बन्द पड़े कैसे कैसे समय कटे। तन जलता मन बहुत मचलता … more →