Blogs about: ग़ज़ल देवी नागरानी
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Devi Nangrani wrote 1 week ago: ग़ज़लः ४० रिश्ता तो सब ही जताते है पर क … more »
कितने आफ़ात से लड़ी हूँ मैं
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Devi Nangrani wrote 2 months ago: ग़ज़लः ३८ कितने आफ़ात से लड़ी हूँ मैं … more »
तर्क कर के दोस्ती फिरता है क्यों?
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Devi Nangrani wrote 3 months ago: ग़ज़लः ३७ तर्क कर के दोस्ती फिरता है क … more »
कोई षडयंत्र रच रहा है क्या
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Devi Nangrani wrote 3 months ago: ग़ज़लः३६ कोई षडयंत्र रच रहा है क्या ज … more »
यही रौशनी है, यही रौशनी है.
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Devi Nangrani wrote 3 months ago: ग़ज़लः ३५ बुझे दीप को जो जलाती रही है य … more »
बहता रहा जो दर्द का सैलाब
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Devi Nangrani wrote 3 months ago: ग़ज़लः ३४ बहता रहा जो दर्द का सैलाब था … more »
बताऊँ तुम्हें क्या है दिल का लगाना
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Devi Nangrani wrote 4 months ago: ग़ज़लः ३३ ख़ता अब बनी है सजा का फ़साना … more »
करम ख़ुदा का है सब पर
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Devi Nangrani wrote 4 months ago: ग़ज़लः ३२ ये सायबां है जहां, मुझको सर छ … more »
अंधेरी गली में मेरा घर रहा है
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Devi Nangrani wrote 6 months ago: गज़लः ३१ अंधेरी गली में मेरा घर रहा है … more »
रूठा वो बे सबब न था मुझसे
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Devi Nangrani wrote 6 months ago: ग़ज़लः ३० जाने क्या कुछ हुई ख़ता मुझस … more »
ठहराव जिंदगी में दुबारा नहीं मिला
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Devi Nangrani wrote 6 months ago: गज़लः २९ ठहराव जिंदगी में दुबारा नहीं … more »
याद मुझे है अब तक
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Devi Nangrani wrote 6 months ago: गजलः २८ वो अदा प्यार भरी याद मुझे है अब … more »
चोट ताज़ा कभी जो खाते हैं
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Devi Nangrani wrote 6 months ago: ग़ज़लः २७ चोट ताज़ा कभी जो खाते हैं ज़ … more »
ग़म का पैग़ाम बादे-सबा दे गई
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Devi Nangrani wrote 7 months ago: गज़लः २६ हमने चाहा था क्या और क्या दे ग … more »
उदासी में डूब जाता है
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Devi Nangrani wrote 7 months ago: गज़लः२५ ख़्यालों ख़्वाब में ही महफिल … more »
हम दिलों में निवास करते हैं
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Devi Nangrani wrote 7 months ago: ग़ज़लः २४ दिल को हम कब उदास करते हैं आज … more »
तुझको अपना खुदा बनाया है
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Devi Nangrani wrote 8 months ago: गजलः २३ तेरे क़दमों में मेरा सजदा है त … more »
सिसकियों में हों पल रहे जैसे
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Devi Nangrani wrote 8 months ago: गज़लः २२ हिज्र में उसके जल रहे जैसे प् … more »
चराग़ों ने अपने ही घर को जलाया
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Devi Nangrani wrote 8 months ago: गजलः २१ चराग़ों ने अपने ही घर को जलाया … more »
