Blogs about: ग़म

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पानी के बेहने को अश्क़ नहीं कहते

palakmathur wrote 1 week ago: दर्द कितना है दिल में न जान पाओगे, हम रोज़ अपने ग़म का इश्तेहार नहीं करते, जो आँख से टपकें लहू तो बत … more →

Tags: आत्मीयता, हिन्दी, hindi, Poem, Poems, दर्द, अश्क़, लहू, Ashq

कुछ तो था कुछ तो है12 comments

विनय wrote 6 months ago: कुछ तो था कुछ तो है तेरे-मेरे बीच सजनी वरना तुम यहाँ न आती वरना यादें तेरी न होती यूँ बरस गुज़रते हैं … more →

Tags: मेरा गीत, ख़ाब, ख़ुशी, इश्क़, Love, क़रीब, प्यार, मोहब्बत, रात

सहने दे ग़म थोड़ा-थोड़ा8 comments

विनय wrote 7 months ago: सहने दे ग़म थोड़ा – थोड़ा जो तुमने रुख़ मोड़ा-मोड़ा जान यह जाने दे ज़रा-ज़रा रहने दे आँखों को भर … more →

Tags: मेरा गीत, angry, आँखें, इन्तिज़ार, ख़ला, ख़ाब, ख़फ़ा, ग़ुम, जाँ

बच्चों की होम-वर्क डायरी3 comments

विनय wrote 8 months ago: कुछ रिश्ते होते हैं बच्चों की होम-वर्क डायरी की तरह हमने ग़म को पहना है दिल पर किसी ज़ेवर की तरह शायि … more →

Tags: रुबाइयाँ, इश्क़, Heart, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत, Pain, रिश्ते

धीरे-धीरे ग़म सहना5 comments

विनय wrote 8 months ago: धीरे-धीरे ग़म सहना, किसी से कुछ न कहना फ़ितरत ऐसी हो गयी, दिन-रात मरके जीना शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़ … more →

Tags: रुबाइयाँ, इश्क़, Love, प्यार, फ़ितरत, मोहब्बत, रात, प्रेम, Night

न वह कभी आँखों से उतारा ही गया6 comments

विनय wrote 11 months ago: न वह कभी आँखों से उतारा ही गया और न कभी लबों से पिया ही गया वह इक दर्द का बवण्डर था शायद न जिसे कभी … more →

Tags: मेरा गीत, दूर, दर्द, Heart, क़रीब, light, eyes, दिल, रोशनी

यह सावन मेरा मन पढ़-पढ़ रोया2 comments

विनय wrote 11 months ago: यह सावन मेरा मन पढ़-पढ़ रोया अबकि बार यह गरज मुझे डराती रही तेरे तेवर की तरह बदलना था तुम्हें तो मुझ … more →

Tags: रुबाइयाँ, Heart, Mind, सावन, दिल, मन, rain, तेवर, रोना

मैं ज़हर का असर ढूँढ़ता फिरा

विनय wrote 1 year ago: मैं ज़हर का असर ढूँढ़ता फिरा वह शामो-सहर ढूँढ़ता फिरा जिस बाज़ार में ग़म बिकते हों उसे दिनो-दोपहर ढूँढ … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Heart, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत, बाज़ार, शाम

तुम न समझोगे2 comments

विनय wrote 1 year ago: बिन तुम्हारे मैं क्या हूँ तुम न समझोगे आप तन्हाई की सदा हूँ तुम न समझोगे तुम्हारे ग़मे-इश्क़ में जो च … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, चाँद, इश्क़, Heart, Love, Moment, तन्हाई, दिल, प्यार

तेरी तस्वीर से बातें करता2 comments

विनय wrote 1 year ago: तेरी तस्वीर से बातें करता रोज़ मैं पास मेरे जो तेरी कोई तस्वीर होती तुम्हें प्यार बेइंतिहाँ प्यार करत … more →

Tags: मेरा गीत, apart, इश्क़, चाह, जानाँ, जुदा, तस्वीर, तक़दीर, दिल

मैं अगर एक तरफ़ा हूँ

विनय wrote 1 year ago: मैं अगर एक तरफ़ा हूँ तो यह भी सही इस बद्तर ज़िन्दगी में यह क्या कम है हर शय तेरे सिवा कुछ दिखता ही नह … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, ज़िन्दगी, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, Life, Sorrow, Worst

हज़ारों की भीड़ में हम अकेले

विनय wrote 1 year ago: हज़ारों की भीड़ में हम अकेले रह गये जिसके साथ की तमन्ना थी मेरे दिल को वह तो केवल अब मेरे ख़ाबों में … more →

Tags: मेरा गीत, ख़ाब, ज़िन्दगी, मुहब्बत, इश्क़, Love, crowd, दिल, प्यार

तू एक बार देख ले पीछे मुड़के

विनय wrote 1 year ago: तू एक बार देख ले पीछे मुड़के हम हैं वहीं जहाँ थे कभी अकेले ऐसा यह क्या हो गया अन्जाने दिल मेरा क्यों … more →

Tags: मेरा गीत, ज़िन्दगी, ख़ुशी, Love, time, दिल, घरौंदा, तन्हा, अकेले

राहें क्या-क्या न आयेंगी इस दौरे-बदनामी में

विनय wrote 1 year ago: राहें क्या-क्या न आयेंगी इस दौरे-बदनामी में है अपना ही मज़ा घुटके मरने का ग़ुमनामी में मुझको गले से लग … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, दर्द, Love, time, प्यार, मोहब्बत, Pain, राहें


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