prithvi wrote 4 days ago: धरा की जैव विविधता पर संकट के बादल लगातार गहराते जा रहे हैं. थार की पाटा गोह हो या फोग का पौधा, गंगा … more →
prithvi wrote 1 month ago: विस्थापित होकर आए लोगों ने एक गांव बसाया था डूंगरसिंह पुरा. आज यह गांव विकास के मामले में कई गांवों … more →
prithvi wrote 1 month ago: थार प्रदेश में पानी की संकट को देखते हुए 1600 टयूबवैल (नलकूप या बोरवेल) लगाए जा रहे हैं. राज्य सरका … more →
prithvi wrote 1 month ago: घर के थान पर जागती जोत.. रोशनी रहे. किसान परिवार के लिए दीवाली के अलग मायने हैं. नरमे कपास की चुगाई … more →
prithvi wrote 1 month ago: हरीश भादाणी नहीं रहे. सजीव रूप में भले ही अब वे हमारे बीच न हों लेकिन लेखन और कर्म की इतनी व्यापक व … more →
prithvi wrote 2 months ago: इक सभ्यता थी जो दुनिया में सबसे पहले विकसित होने वाले समाज से बनी. इक बस्ती थी जहां दुनिया की सबसे … more →
prithvi wrote 2 months ago: बरलाग 25 मार्च 1914 को क्रेस्को, आयोवा में जन्मे. शुरुआती शिक्षा दीक्षा क्रेस्को में ही हुई. काले … more →
prithvi wrote 2 months ago: ‘मैं जयपुर के राजमंदिर को देखकर हैरान रह गया. ऐसा कोई सिनेमाघर अमेरिका में नहीं है.’ - पाल शरेडर (टे … more →
prithvi wrote 2 months ago: थार का सबसे चर्चित और रंगीला शहर. राजमंदिर, हवामहल, पोलो विक्टरी, बिड़ला तारा मंडल, बड़ी और छोटी चौ … more →
prithvi wrote 2 months ago: भादो के कुछ ही दिन हैं. दिल्ली सीकर बाइपास से गुजरते हुए सर तथा बिलोंची गांव के आसपास खूब ग्वार और … more →
prithvi wrote 3 months ago: भारतीय सभ्यता व संस्कृति में विशेष रुचि रखने वाले तैस्सीतोरी, वार्डिक एंड हिस्टोरिकल सर्वे आफ रा … more →
prithvi wrote 3 months ago: ‘..आज की दुनिया में दो ही चीजें चलती हैं पैसा या पढाई. आपके पास खूब पैसा है तो ठीक है नहीं तो आप पढा … more →
prithvi wrote 3 months ago: बीकानेर स्थित राजस्थान राज्य अभिलेखागार देश के सबसे अच्छे और विश्व के चर्चित अभिलेखागारों में से ए … more →
prithvi wrote 3 months ago: .. सत्य के लिए किसी से भी नहीं डरना, गुरू से भी नहीं, लोक से भी नहीं .. मंत्र से भी नहीं. इसी कथन क … more →
prithvi wrote 3 months ago: पूरा चांद : एक बिना साफ किए लैंस से.बस शायद रावतसर से आगे राष्ट्रीय राजमार्ग से मुड़ी थी. मोबाइल मे … more →
prithvi wrote 3 months ago: मांड गायन को नई ऊंचाइयां देने वाली अल्लाह जिलाई बाई, उस्ता कला के महारथी मोहम्मद हनीफ, साहित्यका … more →
prithvi wrote 4 months ago: सूरतगढ़ से बड़ोपल जाने को एक सड़क निकलती है. पूर्व की ओर! यह सड़क अनेक गांवों से होती हुई रावतसर पर … more →
prithvi wrote 4 months ago: परलीका (जिला हनुमानगढ, राजस्थान) गांव के किसान साहित्यकार रामस्वरूप किसान को केंद्रीय साहित्य अकादे … more →
prithvi wrote 4 months ago: प्राचीन सभ्यताओं का विकास नदियों के किनारे हुआ. आबादियां जोहड़ों, सरोवरों के किनारे बसीं. आधुनिक था … more →