दो साल पहले आज ही के दिन पुरवाई की शुरूवात हुई थी एक बरखा गीत से। शुरू में मेरी साहित्यिक रूचि बहुत उभर कर आई और चिट्ठों में हिन्दी साहित्य से काव्य की भरमार होने लगी। यहाँ तक कि अंताक्षरी भी रखी गई। … more →
पुरवाईanug wrote 3 months ago: दो साल पहले आज ही के दिन पुरवाई की शुरूवात हुई थी एक बरखा गीत से। शुरू में मेरी साहित्यिक रूचि बहुत … more →
anug wrote 11 months ago: सुप्रसिद्ध कवि रामधारी सिंह दिनकर का यह जन्म शताब्दी वर्ष है। दिनकर अपनी ओजस्वी कविताओं के लिए प्रसि … more →
anug wrote 1 year ago: राम की शक्ति आराधना और मिला शक्ति का वरदान, देखें कवि निराला का शब्द रूपक - हैं नहीं शरासन आज हस्त त … more →
anug wrote 1 year ago: राम-रावण युद्ध में रावण के शौर्य प्रदर्शन से चकित राम को देख विभीषण सहित शिविर में सभी स्तब्ध रह गए। … more →
anug wrote 1 year ago: राम के शिविर में अतीत की स्मृतियों में खोए राम को निहारते हनुमान इस युद्ध में शक्ति के स्वरूप का अंद … more →
anug wrote 1 year ago: राम-रावण युद्ध शुरू हुआ। रात में शिविर में राम के मन की स्थिति को कवि सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला ने … more →
anug wrote 1 year ago: राम-रावण युद्ध के पहले दिन के बाद रात में राम के शिविर का वातावरण कवि निराला के शब्दों में कुछ ऐसा र … more →
anug wrote 1 year ago: सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला ने अपनी रचना राम की शक्ति पूजा में राम-रावण युद्ध का चित्रण किया। पिछले अ … more →
anug wrote 1 year ago: साहित्य में कविता ही ऐसी विधा है जिसमें क्षणिक अनुभूति भी चित्रित हो जाती है। माना जाता है कि सुई की … more →
anug wrote 1 year ago: आज मैनें मन बनाया था कि मेरा कोई भूला बिसरा गीत प्रस्तुत करूंगी। फिर याद आया आज पहली अप्रैल है यानि … more →
anug wrote 1 year ago: हमारे समाज में कुछ ग़ैर फ़िल्मी गीत भी बहुत लोकप्रिय हुए है। स्कूल-कालेजों के समारोहों से लेकर देश के … more →
anug wrote 1 year ago: आप सबको होली मुबारक ! इस अवसर पर प्रस्तुत है जयशंकर प्रसाद का एक बहुत ही कम चर्चित गीत जिसे स्कूल से … more →
anug wrote 1 year ago: पिछली सदी में अमेरिका में कामगर महिलाओं की स्थिति शोचनीय थी। महिला मज़दूरों को पुरूष के बराबर मज़दूरी … more →
anug wrote 1 year ago: मौसम तो इस बार कुछ अलग ही है. इस समय पतझर शुरू होनी चाहिए पर ठंड जारी है. मौसम बदले या न बदले वसंत त … more →
anug wrote 1 year ago: गीतों की पुरवाई में गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रस्तुत है मोहम्मद इक़बाल का लिखा क़ौमी तराना - सारे जहां … more →
anug wrote 2 years ago: यह स्वाधीनता संग्राम की डेढ सौवीं वर्षगांठ का समय है। इस अवसर पर बहुत सारे देश भक्ति गीत याद आते है। … more →
anug wrote 2 years ago: सावन के इस मौसम में आइए बरखा रानी का स्वागत करें ! एक गीत प्रस्तुत है। यह गीत स्कूल - कालेज में सांस … more →