(सभी प्रिय मित्रों को बड़े दिन और नववर्ष-२०१० की हार्दिक शुभकामनाएँ) हँसता, हुलसता, झूमता आया है नया वर्ष फिर, जीवन में खुशियाँ भरने को आया है नया वर्ष फिर। हर घर के देहरी-द्वार पर जगमगाते दीप ऐसे,… more →
अनुभूति कलशwrote 5 days ago: मुड मुड के ना देख रीमिक्सः घनश्याम ठक्कर फिल्मः श्री ४२० साल मुबारक २०१० क्लब_ओएसीस Happy New Year 2 … more →
wrote 1 week ago: (सभी प्रिय मित्रों को बड़े दिन और नववर्ष-२०१० की हार्दिक शुभकामनाएँ) हँसता, हुलसता, झूमता आया है … more →
wrote 2 weeks ago: Now Playing MP3 SHYAMAL Club Oasis श्यामल! – घनश्याम ठक्कर, महफिल-ए-ओएसीस … more →
wrote 3 weeks ago: मेरी नयी वेब-दुनियामें आपका स्वागत है. घनश्याम ठक्कर … more →
wrote 1 month ago: आम छू आम छू काला बदाम छू सारी समस्या का कर दे तमाम छू आम छू आम छू….. जीवन की naiya का कौन है k … more →
wrote 1 month ago: राधाकी व्यथा (गीत) घनश्याम ठक्कर … more →
wrote 2 months ago: ये फिज़ायें गुनगुनाती हरदम, यह समझ लेना तुम। ये वादियाँ तलाशती हमदम,यह समझ लेना तुम ॥ बहारें आयेंगी … more →
wrote 2 months ago: बीमार तेरे नामके! (गीत) घन-’श्याम’ ठक्कर … more →
wrote 2 months ago: हमारी प्राथमिक शालामें कई अभिप्रेरक कविताएं पढनेकी/गानेकी परंपरा थी. आयु के उस सूर्योदय कालमें कुछ ऐ … more →
wrote 2 months ago: खुद को मिटाती चली गई तेरे प्यार में मैं खुद को मिटाती चली गई। दस्तूर-ए-दुनिया के निभाती चली गई॥ चारो … more →
wrote 2 months ago: Music Deepavali – Festival of Lights Oasis Thacker … more →
wrote 2 months ago: कल तुम गुजर रहे थे , या कोई ग़ज़ल गुनगुना रहा था …. कल आहट थी कोई पहचानी , या कोई दरवाजे पर आ … more →
wrote 2 months ago: शहनाई (सिंथेसाइझर) वादन संगीतकार और वादकः घनश्याम ठक्कर Happy Diwali Music Composer & Performe … more →
wrote 3 months ago: ओ रंग-रसिया आलबमः ओ राज रे गीतः लोकगीत संगीतः घनश्याम ठक्कर स्वरः किशोर मनराजा, दमयंती बरडाई, … more →
wrote 3 months ago: ओ राज रे (हीच – गरबा) संगीतः: घनश्याम ठक्कर गीतः लोकगीत और घनश्याम ठक्कर स्वरः ज … more →
wrote 3 months ago: लुढ़कता पत्थर शिखर से, क्यों हमें लुढ़का न देगा क्रेन पर ऊँचा चढ़ा कर, चैन उसकी तोड़ दी लोभ का दर्शन बना … more →
wrote 3 months ago: पोरा पै दे तुं (छैला पिलादे तू) [रास] संगीतः घनश्याम ठक्कर … more →
wrote 3 months ago: ढोल वागे से (ढोल बजने लगा) [डांडियारास] संगीतः: घनश्याम ठक्कर गरबा-रास … more →
wrote 3 months ago: मेंदी रंग लाग्यो संगीतः: घनश्याम ठक्कर … more →