गुज़रे लम्हे बचपन के वो बस याद बनकर रह गये फरिश्तो के सपने देखे थे जवानी में कही ढ़ह गये जो भी सुंदर अरमान थे जहाँ की बाढ़ में बह गये कभी लौटेंगे ना नन्हे पल सदमा ये भी हम सह गये.| top post… more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: गुज़रे लम्हे बचपन के वो बस याद बनकर रह गये फरिश्तो के सपने देखे थे जवानी में कही ढ़ह गये जो भी सुंदर … more →