Blogs about: गुलज़ार

Featured Blog

बेक़रार करके हमें यूँ न जाईये .....3 comments

Amit wrote 1 year ago: पिछला जो गाना अपने मोबाइल की रिंग बैक टोन/कॉलर ट्यून के रूप में सैट किया था वो माता जी को पसंद नहीं … more →

Tags: Music, संगीत, Song, गीत, गाना, हेमन्त कुमार, खामोशी, बीस साल बाद, विश्वजीत

कोई आता है ज़िन्दगी में

विनय wrote 1 year ago: कोई आता है ज़िन्दगी में, जैसे रोशनी जज़्बों का शौक़ के बाद क्यों कुछ कमी उसकी आँखें हमने देखी हैं नीली- … more →

Tags: मेरा गीत, ख़ाब, ज़िन्दगी, Love, eyes, शौक़, मौसम, बादल, रोशनी

शाम से आँख में नमी सी है

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: … more →

Tags: जगजीत सिंह, मरासिम, शाम से आँख में नमी सी, Gulzar, Jagjit Singh, Marasim, Non Films, Shaam Se Aankh Mein Nami Se Hai, Sony

एक पुराना मौसम लौटा1 comment

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: एक पुराना मौसम लौटा याद भरी पुरवाई भी, ऐसा तो कम ही होता है वो भी हों तनहाई भी, यादों की बौछारों से … more →

Tags: Álbums, गज़ल, जगजीत सिहँ, Ghazal, Gulzar, Jagjit Singh, Marasim, Non Films, जगजीत सिंह

एक परवाज़ दिखाई दी है

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: एक परवाज़ दिखाई दी है, तेरी आवाज़ सुनाई दी है, जिस की आँखों में कटी थीं सदियां, उस ने सदियों की जुदाई … more →

Tags: Álbums, गज़ल, जगजीत सिहँ, Ghazal, Gulzar, Jagjit Singh, Marasim, Non Films, जगजीत सिंह

हाथ छूटे भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: हाथ छूटे भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते, वक़्त की शाख से लम्हे नहीं तोड़ा करते, जिस की आवाज़ में सिलवट हो … more →

Tags: Álbums, गज़ल, जगजीत सिहँ, Ghazal, Gulzar, Jagjit Singh, Marasim, Non Films, जगजीत सिंह

आँखों में जल रहा है क्यूं बुझता नही धुँआ

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: आँखों में जल रहा है क्यूं, बुझता नही धुँआ, उठता तो है घटा सा बरसता नही धुँआ, चूल्हा नही जलाया य बस्त … more →

Tags: Álbums, गज़ल, जगजीत सिहँ, Ghazal, Gulzar, Jagjit Singh, Marasim, Non Films, Aankon Mein Jal Raha Hai Kyun

ज़िंदगी यूँ हुयी बसर तन्हा

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: ज़िंदगी यूँ हुयी बसर तन्हा, काफिला साथ और सफर तन्हा, अपने साये से चौंक जाते हैं, उम्र गुजरी है इस कदर … more →

Tags: Álbums, गज़ल, जगजीत सिहँ, Ghazal, Gulzar, Jagjit Singh, Marasim, Non Films, जगजीत सिंह

वो ख़त के पुर्जे उडा रहा था

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: वो ख़त के पुर्जे उडा रहा था, हवाओं का रूख दिखा रहा था, कुछ और भी हो गया नुमाया, मैं अपना लिखा मिटा र … more →

Tags: Álbums, गज़ल, जगजीत सिहँ, Ghazal, Gulzar, Jagjit Singh, Marasim, Non Films, जगजीत सिंह

शाम से आँख में नमी सी है

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: शाम से आँख में नमी सी है, आज फ़िर आपकी कमी सी है, दफ़न कर दो हमें की साँस मिले, नब्ज़ कुछ देर से थमी … more →

Tags: Álbums, गज़ल, जगजीत सिहँ, Ghazal, Gulzar, Jagjit Singh, Marasim, Non Films, जगजीत सिंह

ज़िंदगी क्या है - कोई बात चले

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: … more →

Tags: कोई बात चले, गज़ल, जगजीत सिंह, ज़िंदगी क्या है, Gulzar, Jagjit Singh, Koi Baat Chale, Sony, Zindagi Kya Hai

सजदा - ऑडियो रिलीज

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: … more →

Tags: audio release, ऑडियो रिलीज, चित्रा सिंह, जगजीत सिंह, सजदा, Chitra Singh, Gulzar, Hmv, Jagjit Singh

क्या बताऍ के जॉ गई कैसे2 comments

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: क्या बताऍ के जॉ गई कैसे फिर से दोहराऍ वो घड़ी कैसे क्या बताऍ के जॉ गई कैसे किसने रास्ते मे चॉद रखा था … more →

Tags: Álbums, कोई बात चले, गज़ल, जगजीत सिहँ, Ghazal, Gulzar, Jagjit Singh, Koi Baat Chale, Non Films

तेरी सूरत जो भरी रहती है आँखों में सदा2 comments

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: तेरी सूरत जो भरी रहती है आँखों में सदा अजनबी चेहरे भी पहचाने से लगते हैं मुझे तेरे रिश्तों में तो द … more →

Tags: Álbums, कोई बात चले, गज़ल, जगजीत सिहँ, Ghazal, Gulzar, Jagjit Singh, Koi Baat Chale, Non Films

है लौ ज़िंदगी9 comments

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: है लौ ज़िंदगी ज़िंदगी नूर है मगर इस पे जलने का दस्तूर है लौ ज़िंदगी कभी सामने आता मिलने उसे बड़ा नाम् उस … more →

Tags: Álbums, कोई बात चले, गज़ल, जगजीत सिहँ, Ghazal, Gulzaar, Gulzar, Jagjit Singh, Koi Baat Chale

दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई जैसे अहसान उतारता है कोई। आईना दिख के तसल्ली हुई हमको इस घर में जानता है … more →

Tags: Jagjit Singh, Ghazal, जगजीत सिहँ, Álbums, गज़ल, Gulzaar, Gulzar, Marasim, Non Films

सहमा सहमा1 comment

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: सहमा सहमा डरा सा रहता है जाने क्यूँ जी भरा सा रहता है सहमा सहमा डरा सा रहता है इश्क में और कुछ नहीं … more →

Tags: Álbums, कोई बात चले, गज़ल, जगजीत सिहँ, Ghazal, Gulzaar, Gulzar, Jagjit Singh, Koi Baat Chale

फुलों की तरह लब खोल कभी8 comments

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: फुलों की तरह लब खोल कभी ख़ूश्बू की ज़ुबा मे बोल कभी अलफ़ाज़ परखता रेहता है आवाज़ हमारी तोल कभी अन्मोल नही … more →

Tags: Álbums, कोई बात चले, गज़ल, जगजीत सिहँ, Ghazal, Gulzaar, Gulzar, Jagjit Singh, Koi Baat Chale

ज़िंदगी क्या है जानने के लिये9 comments

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: ज़िंदगी क्या है जानने के लिये ज़िंदा रहना बहुत जरुरी है आज तक कोई भी रहा तो नही सारी वादी उदास बैठी है … more →

Tags: Álbums, कोई बात चले, गज़ल, जगजीत सिहँ, Ghazal, Gulzaar, Gulzar, Jagjit Singh, Koi Baat Chale


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS

Find other items tagged with “गुलज़ार”:
Technorati Del.icio.us IceRocket