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Blogs about: गुलज़ार

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मुझको भी तरकीब सिखा कोई यार जुलाहे1 comment

sj wrote 1 week ago: अकसर तुझको देखा है कि ताना बुनते जब कोइ तागा टूट गया या खत्म हुआ फिर से बाँध के और सिरा कोई जोड़ के … more →

Tags: Poem

बेक़रार करके हमें यूँ न जाईये .....3 comments

Amit wrote 1 year ago: पिछला जो गाना अपने मोबाइल की रिंग बैक टोन/कॉलर ट्यून के रूप में सैट किया था वो माता जी को पसंद नहीं … more →

Tags: Music, संगीत, Song, गीत, गाना, हेमन्त कुमार, खामोशी, बीस साल बाद, विश्वजीत

कोई आता है ज़िन्दगी में

विनय wrote 1 year ago: कोई आता है ज़िन्दगी में, जैसे रोशनी जज़्बों का शौक़ के बाद क्यों कुछ कमी उसकी आँखें हमने देखी हैं नीली- … more →

Tags: मेरा गीत, ख़ाब, ज़िन्दगी, Love, eyes, शौक़, मौसम, बादल, रोशनी

शाम से आँख में नमी सी है

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: … more →

Tags: Jagjit Singh, जगजीत सिंह, Gulzar, Sony, Marasim, Shaam Se Aankh Mein Nami Se Hai, Sony Music, Non Films, मरासिम

एक पुराना मौसम लौटा1 comment

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: एक पुराना मौसम लौटा याद भरी पुरवाई भी, ऐसा तो कम ही होता है वो भी हों तनहाई भी, यादों की बौछारों से … more →

Tags: Jagjit Singh, Ghazal, जगजीत सिहँ, Álbums, गज़ल, Gulzar, Marasim, Non Films, जगजीत सिंह

एक परवाज़ दिखाई दी है

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: एक परवाज़ दिखाई दी है, तेरी आवाज़ सुनाई दी है, जिस की आँखों में कटी थीं सदियां, उस ने सदियों की जुदाई … more →

Tags: Jagjit Singh, Ghazal, जगजीत सिहँ, Álbums, गज़ल, Gulzar, Marasim, Non Films, जगजीत सिंह

हाथ छूटे भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: हाथ छूटे भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते, वक़्त की शाख से लम्हे नहीं तोड़ा करते, जिस की आवाज़ में सिलवट हो … more →

Tags: Jagjit Singh, Ghazal, जगजीत सिहँ, Álbums, गज़ल, Gulzar, Marasim, Non Films, जगजीत सिंह

आँखों में जल रहा है क्यूं बुझता नही धुँआ

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: आँखों में जल रहा है क्यूं, बुझता नही धुँआ, उठता तो है घटा सा बरसता नही धुँआ, चूल्हा नही जलाया य बस्त … more →

Tags: Jagjit Singh, Ghazal, जगजीत सिहँ, Álbums, गज़ल, Gulzar, Marasim, Non Films, जगजीत सिंह

ज़िंदगी यूँ हुयी बसर तन्हा

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: ज़िंदगी यूँ हुयी बसर तन्हा, काफिला साथ और सफर तन्हा, अपने साये से चौंक जाते हैं, उम्र गुजरी है इस कदर … more →

Tags: Jagjit Singh, Ghazal, जगजीत सिहँ, Álbums, गज़ल, Gulzar, Marasim, Non Films, जगजीत सिंह

वो ख़त के पुर्जे उडा रहा था

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: वो ख़त के पुर्जे उडा रहा था, हवाओं का रूख दिखा रहा था, कुछ और भी हो गया नुमाया, मैं अपना लिखा मिटा र … more →

Tags: Jagjit Singh, Ghazal, जगजीत सिहँ, Álbums, गज़ल, Gulzar, Marasim, Non Films, जगजीत सिंह

शाम से आँख में नमी सी है

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: शाम से आँख में नमी सी है, आज फ़िर आपकी कमी सी है, दफ़न कर दो हमें की साँस मिले, नब्ज़ कुछ देर से थमी … more →

Tags: Jagjit Singh, Ghazal, जगजीत सिहँ, Álbums, गज़ल, Gulzar, Marasim, Non Films, जगजीत सिंह

ज़िंदगी क्या है - कोई बात चले

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: … more →

Tags: Jagjit Singh, जगजीत सिंह, Gulzar, Koi Baat Chale, Sony, कोई बात चले, गज़ल, Zindagi Kya Hai, ज़िंदगी क्या है

सजदा - ऑडियो रिलीज

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: … more →

Tags: Jagjit Singh, Chitra Singh, जगजीत सिंह, चित्रा सिंह, Nida Fazli, Hmv, Sajda, Lata Mangeshkar, Lehren

क्या बताऍ के जॉ गई कैसे2 comments

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: क्या बताऍ के जॉ गई कैसे फिर से दोहराऍ वो घड़ी कैसे क्या बताऍ के जॉ गई कैसे किसने रास्ते मे चॉद रखा था … more →

Tags: Jagjit Singh, Ghazal, जगजीत सिहँ, Álbums, Koi Baat Chale, गज़ल, कोई बात चले, Gulzar, Non Films

तेरी सूरत जो भरी रहती है आँखों में सदा2 comments

Amarjeet Singh wrote 3 years ago: तेरी सूरत जो भरी रहती है आँखों में सदा अजनबी चेहरे भी पहचाने से लगते हैं मुझे तेरे रिश्तों में तो दु … more →

Tags: Jagjit Singh, Ghazal, जगजीत सिहँ, Álbums, Koi Baat Chale, गज़ल, कोई बात चले, Gulzar, Non Films

है लौ ज़िंदगी9 comments

Amarjeet Singh wrote 3 years ago: है लौ ज़िंदगी ज़िंदगी नूर है मगर इस पे जलने का दस्तूर है लौ ज़िंदगी कभी सामने आता मिलने उसे बड़ा नाम् उस … more →

Tags: Álbums, कोई बात चले, गज़ल, जगजीत सिहँ, Ghazal, Gulzaar, Gulzar, Jagjit Singh, Koi Baat Chale

दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई

Amarjeet Singh wrote 3 years ago: दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई जैसे अहसान उतारता है कोई। आईना दिख के तसल्ली हुई हमको इस घर में जानता है … more →

Tags: Álbums, गज़ल, जगजीत सिहँ, Ghazal, Gulzaar, Gulzar, Jagjit Singh, Marasim, Non Films

सहमा सहमा1 comment

Amarjeet Singh wrote 3 years ago: सहमा सहमा डरा सा रहता है जाने क्यूँ जी भरा सा रहता है सहमा सहमा डरा सा रहता है इश्क में और कुछ नहीं … more →

Tags: Álbums, कोई बात चले, गज़ल, जगजीत सिहँ, Ghazal, Gulzaar, Gulzar, Jagjit Singh, Koi Baat Chale

फुलों की तरह लब खोल कभी8 comments

Amarjeet Singh wrote 3 years ago: फुलों की तरह लब खोल कभी ख़ूश्बू की ज़ुबा मे बोल कभी अलफ़ाज़ परखता रेहता है आवाज़ हमारी तोल कभी अन्मोल नही … more →

Tags: Álbums, कोई बात चले, गज़ल, जगजीत सिहँ, Ghazal, Gulzaar, Gulzar, Jagjit Singh, Koi Baat Chale


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