स्वर: गुल बहार बानो / लता मंगेशकर / इक़बाल बानो मोरे सैंयाँ उतरेंगे पार नदिया धीरे बहो न सोना मैं वारूँ दूपा मैं वारूँ मैं तो दूँगी गले का हार नदिया धीरे बहो न मोरे सैंयाँ उतरेंगे पार नदिया धीरे बहो न … more →
निंदा पुराणअंकुर वर्मा wrote 1 year ago: स्वर: गुल बहार बानो चाहत में क्या दुनियादारी, इश्क़ में कैसी मजबूरी लोगों का क्या समझाने दो, उनकी अपन … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: स्वर: गुल बहार बानो हमें जहाँ में कोई साहिब-ए-नज़र न मिला जो दिल की आँख से देखे वो दिल गवर न मिला (दि … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: स्वर: गुल बहार बानो / लता मंगेशकर / इक़बाल बानो मोरे सैंयाँ उतरेंगे पार नदिया धीरे बहो न सोना मैं वार … more →