Blogs about: गुल

कैसे मिलूँ तुमसे जो न मिलना चाहो7 comments

विनय wrote 4 months ago: कैसे मिलूँ तुमसे जो न मिलना चाहो चला चलूँ अगर साथ चलना चाहो नहीं कहते हो मुझ से हर बार तुम करूँ क्या … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Love, Flower, प्यार, मोहब्बत, Insanity, Meeting, Laugh

ख़ुशबू बिछायी है राहों में4 comments

विनय wrote 11 months ago: ख़ुशबू बिछायी है राहों में तुम चले आओ, तुम चले आओ दिल बेक़रार है बहुत तुम चले आओ, तुम चले आओ मौसम बड़ … more →

Tags: मेरा गीत, Earth, इश्क़, Heart, Love, Flower, Rose, मौसम, दिल

इश्क़ सुना है हमने बहुत13 comments

विनय wrote 1 year ago: इश्क़ सुना है हमने बहुत ज़रा करके तो देखें मिल जाये कोई कमसिन हसीना उसपे मरके तो देखें हाए रे हाए, हाए … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Love, Flower, मौसम, दिल, प्यार, ख़ुशबू, मोहब्बत

इक चाँद है आसमाँ में1 comment

विनय wrote 1 year ago: इक चाँद है आसमाँ में रोशन-रोशन दिल में है हर पल इक तड़पन सुन रहा हूँ दीवाने दिल की धड़कन चाँद जो वह … more →

Tags: मेरा गीत, चाँद, इश्क़, Heart, Love, Frozen, light, दिल, प्यार

एक मेरा सपना तू ही तो थी2 comments

विनय wrote 1 year ago: एक मेरा सपना तू ही तो थी जाना दूर जो गयी तू हो गया वह बेग़ाना इंतिज़ार तेरा करता हूँ तेरी क़सम हर लम्ह … more →

Tags: मेरा गीत, All alone, इंतिज़ार, ख़ुशबू, तन्हा, दिन, नाम, बेग़ाना, बेज़ार

जानते हैं दर्द बुझते हुए चाँद का

विनय wrote 1 year ago: जानते हैं दर्द बुझते हुए चाँद का जब बढ़ते आते हैं सुबह के क़दम जुस्त-जू की छाया खो जाती है कहीं चाँद … more →

Tags: मेरा गीत, चाँद, धूप, दर्द, Heart, Love, पलाश, दिल, ख़ुशबू

जब पतझड़ के मौसम आते हैं

विनय wrote 1 year ago: तुझे देखा तू ही मेरी हमनशीं तुझे चाहा तू ही मेरी जान-सी तुझे देखा मैंने तुझे चाहा तुझे सिर्फ़ तू ही म … more →

Tags: मेरा गीत, Tree, Love, क़रीब, light, मौसम, दिल, पत्ते, आशिक़

जब से भूल जाना चाहा तुमको

विनय wrote 1 year ago: जब से भूल जाना चाहा तुमको तेरी याद और भी आती है सपना क्या कभी कोई ऐसा हुआ जो बिखरा नहीं बची राख को आ … more →

Tags: मेरी नज़्म, ख़ाब, चाँद, इश्क़, Heart, Love, Frozen, प्यार, याद

ऐ दिल वहाँ चल जहाँ रहते हैं वह1 comment

विनय wrote 1 year ago: ऐ दिल वहाँ चल जहाँ रहते हैं वह उनके बिना कितने पल गुज़ारे हैं खोये-खोये सारे वह बीते नज़ारें हैं हाथों … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Love, दिल, प्यार, मंज़िल, नाम, मोहब्बत, सफ़र

दिल के ख़ाब दिल में ही सुलगते हैं

विनय wrote 1 year ago: दिल के ख़ाब दिल में ही सुलगते हैं हक़ीक़त के निशाँ अभी दूर लगते हैं हल्की-हल्की आवाज़ें कानों में गुनगु … more →

Tags: मेरा गीत, ख़ाब, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, हक़ीक़त, सितारे, फूल

मेरे दिल की पगडंडियों से

विनय wrote 1 year ago: मेरे दिल की पगडंडियों से रोज़ाना कितने गुज़रते हैं कितने क़दमों के निशाँ बनते हैं कितने मिटते हैं … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, क़रीब, प्यार, मोहब्बत, पगडंडियों, पगडंडी, आँधी, दरख़्त

काश वह कोई गुल होती

विनय wrote 1 year ago: काश वह कोई गुल होती मैं उसे अपने लबों से चूम लेता गर वह कोई आइना होती मैं ख़ुद को उसमें उतार देता इश … more →

Tags: रुबाइयाँ, इश्क़, दर्द, Love, Flower, Rose, आइना, प्यार, मोहब्बत

जन्नत में न लगा जी

विनय wrote 1 year ago: जब तक तेरी तमन्ना करेंगे जीते जायेंगे वरगना दम तोड़ देंगे मर जायेंगे तुमने जो कहा तो मर भी जाना है ह … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, चाह, Heart, Love, दिल, ख़ुशबू, Heaven, तमन्ना, desire

यादों का सागर

विनय wrote 1 year ago: यादों का सागर गहरा है उसमें डूब जाऊँ तो वक़्त का हर लम्हा ठहरा है कोई काँटा-सा है जो लग गया है इक फाँ … more →

Tags: मेरी नज़्म, वक़्त, इश्क़, Love, time, Flower, Moment, प्यार, याद

एक मुलाक़ात की इल्तजा है2 comments

विनय wrote 1 year ago: एक मुलाक़ात की इल्तजा है उससे दुआ है वह क्यों नहीं मिलता मुझसे उसे क्या शुबा है मुझ मुरीद को न क़रार ह … more →

Tags: मेरी नज़्म, apart, इल्तजा, इश्क़, खु़दा, जुदा, दिलरुबा, दुआ, धुँआ


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