Blogs about: गुल
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इश्क़ सुना है हमने बहुत
इश्क़ सुना है हमने बहुत ज़रा करके तो देखें मिल जाये कोई कमसिन हसीना उसपे मरके त… more »
तख़लीक़-ए-नज़र
इश्क़ सुना है हमने बहुत
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विनय प्रजापति wrote 4 days ago: इश्क़ सुना है हमने बहुत ज़रा करके तो देख … more »
राहे-इश्क़ में मुश्किल ही सही पार उतरना
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: राहे-इश्क़ में मुश्किल ही सही पार उतरना … more »
तन्हाई मिटाने दो
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: तन्हाई मिटाने दो किस्से सुनाने दो सुब … more »
इक चाँद है आसमाँ में
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: इक चाँद है आसमाँ में रोशन-रोशन दिल में … more »
एक मेरा सपना तू ही तो थी
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: एक मेरा सपना तू ही तो थी जाना दूर जो गयी … more »
जानते हैं दर्द बुझते हुए चाँद का
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: जानते हैं दर्द बुझते हुए चाँद का जब बढ … more »
जब पतझड़ के मौसम आते हैं
विनय प्रजापति wrote 3 months ago: तुझे देखा तू ही मेरी हमनशीं तुझे चाहा … more »
जब से भूल जाना चाहा तुमको
विनय प्रजापति wrote 3 months ago: जब से भूल जाना चाहा तुमको तेरी याद और भ … more »
ऐ दिल वहाँ चल जहाँ रहते हैं वह
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विनय प्रजापति wrote 3 months ago: ऐ दिल वहाँ चल जहाँ रहते हैं वह उनके बिन … more »
दिल के ख़ाब दिल में ही सुलगते हैं
विनय प्रजापति wrote 3 months ago: दिल के ख़ाब दिल में ही सुलगते हैं हक़ीक़ … more »
मेरे दिल की पगडंडियों से
विनय प्रजापति wrote 3 months ago: मेरे दिल की पगडंडियों से रोज़ाना कितने … more »
काश वह कोई गुल होती
विनय प्रजापति wrote 3 months ago: काश वह कोई गुल होती मैं उसे अपने लबों स … more »
ख़ाली सीने में कुछ धुँआ-धुँआ-सा है
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: ख़ाली सीने में कुछ धुँआ-धुँआ-सा है जिस … more »
दिल में तेरे लिए सच्ची अक़ीदत है
विनय प्रजापति wrote 7 months ago: है जो किसी से तुम्हें तो गुल से निस्बत … more »
यादों का सागर
विनय प्रजापति wrote 8 months ago: यादों का सागर गहरा है उसमें डूब जाऊँ त … more »
एक मुलाक़ात की इल्तजा है
विनय प्रजापति wrote 8 months ago: एक मुलाक़ात की इल्तजा है उससे दुआ है वह … more »
